रूसी तेल खरीदने के अमेरिकी छूट पर कसा तंज
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मीडिया से बात चीत में बयान दिया
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हर बात के लिए व्हाइट हाउस क्यों
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बिजली संशोधन का भी विरोध होगा
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़ः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति को विफल बताते हुए उन पर तीखा हमला बोला। मान ने केंद्र पर आरोप लगाया कि उन्होंने देश की संप्रभुता को अमेरिका के हाथों बेच दिया है।
कैबिनेट बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मान ने उस समय कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया, जब उनसे भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने के लिए अमेरिका से अनुमति मिलने की खबरों पर सवाल पूछा गया।
मुख्यमंत्री मान ने तंज कसते हुए कहा कि जहाँ एक ओर भाजपा अपने नेताओं को विश्वगुरु (दुनिया का शिक्षक) के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है, वहीं इस घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि वे वास्तव में विश्वचेला बन गए हैं। मान ने केंद्र सरकार की स्वायत्तता पर सवाल उठाते हुए पूछा, क्या अब हमें हर चीज के लिए व्हाइट हाउस से अनुमति लेनी होगी? क्या भारत ने अपनी संप्रभुता खो दी है? प्रधानमंत्री मोदी को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनका इशारा उस वैश्विक कूटनीतिक दबाव की ओर था, जिसमें भारत को रूस-यूक्रेन या पश्चिम एशिया के संघर्षों के बीच अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिमी देशों के रुख पर निर्भर दिखाया जा रहा है।
भगवंत मान ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार 10 मार्च को संसद में पेश होने वाले बिजली संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध करेगी। उन्होंने संघीय ढांचे का हवाला देते हुए कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा की तरह बिजली भी राज्यों का विषय है। मान ने दो टूक शब्दों में कहा, हम राज्यों के विषयों में केंद्र के किसी भी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देंगे। हम इस विधेयक का पूरी ताकत से विरोध करेंगे।
राज्य परिवहन की बसों को आम आदमी पार्टी के रंगों (पीले और नीले) में रंगे जाने के आरोपों पर मान ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि ये बसें निजी मालिकों की हैं जो किलोमीटर योजना के तहत संचालित की जा रही हैं। उन्होंने पलटवार करते हुए पूछा, बस ऑपरेटर अपनी पसंद का रंग चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन जो लोग आज सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले जनता को यह बताना चाहिए कि उन्होंने हरिके के लिए खरीदी गई एम्फीबियस बसों और राज्य सरकार के हेलीकॉप्टर को अकाली दल के रंगों में क्यों रंगा था?