Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Karnal Pradeep Mishra Katha: पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा से पहले करनाल में बवाल; VIP पास को लेकर मारप... Indore Weather Update: इंदौर में गर्मी का 10 साल का रिकॉर्ड टूटा! सड़कों पर पसरा सन्नाटा, जानें मौसम... BRICS Summit Indore: इंदौर में ब्रिक्स युवा उद्यमिता बैठक आज से; केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ... Indore Dog Bite Cases: इंदौर में नसबंदी के दावों के बीच श्वानों का आतंक; 1 साल में 60 हजार से ज्यादा... Indore IET Hostel: आईईटी हॉस्टल तोड़फोड़ मामले में नया मोड़, छात्रों ने वीडियो जारी कर मांगी माफी; ख... Indore IET Hostel: आईईटी हॉस्टल गांजा पार्टी मामले में DAVV का बड़ा एक्शन; 3 छात्र सस्पेंड, 1 का एडम... MP New Transfer Policy: मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों से हटेगी रोक! आज मोहन यादव कैबिनेट बै... Khandwa Congress Leader Honeytrap: लोन ऐप के जरिए मोबाइल में की एंट्री; कांग्रेस नेता के फोटो एआई से... Chhatarpur News: छतरपुर में 'लुटेरी दुल्हन' का कारनामा; ₹1.5 लाख लेकर दलालों ने कराई शादी, 4 दिन बाद... Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा केस में 'सिज़ोफ्रेनिया' का एंगल; सामने आए भोपाल के मशहूर मनोचिकित्स...

अकाल तख्त में पेश हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान

अपनी विवादास्पद टिप्पणियों को लेकर परेशान पंजाब के सीएम

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः पंजाब की राजनीति और धार्मिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुवार को सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था, अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में पेश हुए। मुख्यमंत्री को अकाल तख्त द्वारा सिख परंपराओं, सिद्धांतों और मर्यादाओं के विरुद्ध कथित रूप से की गई टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया गया था। इस महत्वपूर्ण पेशी से पहले, मुख्यमंत्री मान ने अपनी श्रद्धा प्रकट करने के लिए स्वर्ण मंदिर (हरमंदिर साहिब) में माथा टेका और अरदास की।

अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज के साथ हुई बंद कमरे की बैठक में मुख्यमंत्री ने अपना लिखित स्पष्टीकरण सौंपा। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जत्थेदार गर्गज ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वीकार किया है कि उन्हें धार्मिक मामलों पर ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए थीं जो विवाद का कारण बनीं। जत्थेदार के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए यह ठोस आश्वासन भी दिया है कि वे भविष्य में सिख धर्म या उसकी परंपराओं से जुड़ी किसी भी मर्यादा के विरुद्ध बयानबाजी करने से पूरी तरह परहेज करेंगे।

यह पूरा विवाद एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री कथित तौर पर सिख सिद्धांतों पर ऐसी टिप्पणी करते दिखे थे जिसे धार्मिक रूप से अनुचित माना गया। जत्थेदार ने स्पष्ट किया कि मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण और उस वायरल वीडियो की अब गहन फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि वीडियो की सत्यता की पुष्टि हो सके। इस जांच रिपोर्ट के आने के बाद, सिखों के पांच पूज्य सिंह साहिबान की अगली औपचारिक बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें मुख्यमंत्री के विरुद्ध अंतिम निर्णय या सजा (तनखाह) पर विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे एक नत मस्तक और समर्पित सिख के रूप में अकाल तख्त के सामने उपस्थित हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे अकाल तख्त की सर्वोच्चता का सम्मान करते हैं और पांच सिंह साहिबान द्वारा जो भी आदेश या निर्देश दिया जाएगा, वे उसे सहर्ष स्वीकार करेंगे। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में धार्मिक मर्यादाओं का स्थान राजनीति से ऊपर माना जाता है।