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भाजपा और कांग्रेस की तरफ से जारी हो गया व्हिप

ओम बिड़ला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मुद्दा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार, 9 मार्च से शुरू होने जा रहा है। सत्र की शुरुआत से पहले ही लोकसभा में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। मुख्य कारण लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए हटाने के प्रस्ताव पर होने वाली संभावित चर्चा है।

इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम को देखते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने अपने सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। भाजपा और कांग्रेस का व्हिप राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है। भाजपा ने अपने लोकसभा सांसदों के लिए 9 और 10 मार्च को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए थ्री-लाइन व्हिप जारी किया है। कांग्रेस ने भी 9 से 11 मार्च तक अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया है।

अधिवेशन के शुरुआती दिनों में ही व्हिप जारी होने से यह साफ है कि लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। हालांकि, पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने अभी तक इस मुद्दे पर अपने रुख की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हटाने के प्रस्ताव का आधार पिछले महीने बजट सत्र के पहले चरण के दौरान, कांग्रेस के नेतृत्व में कई विपक्षी दलों ने एकजुट होकर स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए एक नोटिस जमा किया था।

संसदीय नियमों के अनुसार, स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाने के लिए एक निश्चित संख्या में सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है। इस नोटिस पर लगभग 118 सांसदों के हस्ताक्षर होने की खबर है। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर का व्यवहार पक्षपातपूर्ण रहा है और विपक्षी दलों को अपनी बात रखने के पर्याप्त अवसर नहीं दिए गए।

संसदीय प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत, लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए 14 दिन का पूर्व नोटिस देना अनिवार्य होता है। इसके बाद, सदन के तत्कालीन सदस्यों के बहुमत से पारित प्रस्ताव द्वारा उन्हें पद से हटाया जा सकता है। आगामी सोमवार को होने वाली चर्चा यह तय करेगी कि विपक्ष इस प्रस्ताव को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में कितना सफल होता है।