गौरव गोगोई होंगे मुख्यमंत्री के दावेदार
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कांग्रेस की पहली सूची में 42 नाम शामिल
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तीन कांग्रेसी विधायक भाजपा में शामिल
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टेंग्नौपाल में 4.1 करोड़ रुपये की ड्रग्स ज़ब्त
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: असम में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य की सत्ता भाजपा से वापस छीनने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अनुभवी नेता मधुसूदन मिस्त्री को मोर्चे पर तैनात किया है। कांग्रेस लगातार दो चुनावों से हार का सामना कर रही है, इसलिए इस बार की डगर उसके लिए चुनौतीपूर्ण है।
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई को जोरहाट से चुनावी मैदान में उतारा गया है। तीन बार सांसद रह चुके गोगोई को विपक्ष के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस ने अपनी सूची में अनुभवी और युवा चेहरों के मिश्रण को प्राथमिकता दी है। इनमें रिपुन बोरा (बारचला), मीरा बोरठाकुर गोस्वामी (दिसपुर), और रकीबुल हुसैन के बेटे तंजील हुसैन (सामागुरी) शामिल है। कांग्रेस ‘असम सोम्मिलितो मोर्चा’ के तहत वामपंथी दलों और असम जातीय परिषद (एजेपी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है।
चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा के साथ तीन निलंबित विधायक—कमलाख्या डे पुरकायस्थ, बसंत दास और शशिकांत दास—भाजपा में शामिल हो गए हैं। इन नेताओं ने कांग्रेस पर ‘तुष्टीकरण’ का आरोप लगाया और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भाजपा की नीतियों का समर्थन किया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण बताया है। एनडीए में सीट-शेयरिंग की प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी है, जिसकी आधिकारिक घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।
ड्रग्स के विरुद्ध कार्रवाई: म्यांमार सीमा के पास टेंग्नौपाल जिले में एक संयुक्त अभियान के दौरान 4.1 करोड़ रुपये के नारकोटिक्स जब्त कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। मणिपुर सरकार ने फरवरी से अप्रैल के सूखे मौसम के दौरान दावानल को रोकने के लिए जनता से सहयोग की अपील की है। राज्य का 75.46 फीसद हिस्सा वन क्षेत्र है, जिसे मानवीय लापरवाही और झूम खेती से बचाना सरकार की प्राथमिकता है।