Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
किसान मजदूर संघर्ष समिति का बड़ा ऐलान: 21 जुलाई को दिल्ली में महा रैली, फ्री ट्रेड समझौते का करेंगे व... संसद के मानसून सत्र में घमासान के आसार फरीदकोट पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सी.आई.ए. स्टाफ ने 3 नशा तस्करों को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में हैर... बदलाव की नई पहचान बनाकर विदा हुई डीजी शोभा आहोटकर PM Modi Jalandhar Visit: 17 जुलाई को पीएम मोदी देंगे पंजाब को बड़ी सौगात, जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का... जम्मू-कश्मीर के बारामूला में भूकंप राम मंदिर दान मामले में एसआईटी जांच तेज Gold-Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, जानें आज के ताजा रेट बंगा में फायरिंग से फैली सनसनी: मोहल्ले में चल रहे कार्यक्रम के दौरान चली गोली, महिला सहित दो घायल काहनूवान में बड़ी चोरी: पशु फार्म के चौकीदार को बंधक बनाकर चोर ले उड़े कीमती गायें और सामान

पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी के बयान का भारत ने खंडन किया

भारत के बंदरगाहों के इस्तेमाल की  बात गलत

  • अमेरिका में खबर की चर्चा से सनसनी

  • भारत ने कहा यह दावा सरासर गलत है

  • विदेश मंत्रालय ने औपचारिक बयान दिया

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: भारत ने उन दावों वाली रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ईरान पर हमले करने के लिए भारतीय बंदरगाहों का उपयोग कर रहा है। विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया पूर्व अमेरिकी सेना कर्नल डगलस मैकग्रेगर के एक साक्षात्कार के बाद आई है, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध में भारतीय नौसैनिक अड्डों का सहारा ले रहा है।

मैकग्रेगर ने वन अमेरिका न्यूज नेटवर्क को दिए साक्षात्कार में कहा था, हमारे सभी अड्डे और बंदरगाह प्रतिष्ठान नष्ट हो चुके हैं। हमें वास्तव में भारत और भारतीय बंदरगाहों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जो आदर्श स्थिति नहीं है; नौसेना का यही कहना है।इस पर भारत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्पष्ट किया, हम आपको ऐसी आधारहीन और मनगढ़ंत टिप्पणियों के खिलाफ आगाह करते हैं।

भारत ने मध्य पूर्व के संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद मध्य पूर्व में अराजकता फैल गई है, जिसमें 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी।

इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दागीं। मंगलवार रात हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो ने ईरानी युद्धपोत आईरिस देना को डुबो दिया, जिससे 87 लोगों की मौत हो गई। गौरतलब है कि यह युद्धपोत भारत की सद्भावना यात्रा पर था जब इसे निशाना बनाया गया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी पनडुब्बी ने सतह पर मौजूद जहाज पर हमला किया है।

गुरुवार को युद्ध अपने छठे दिन में प्रवेश कर गया है और तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक ईरान में 1,000 से अधिक और इजरायल में लगभग एक दर्जन लोग मारे गए हैं। इस युद्ध में कम से कम छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान पर हमले इसलिए किए क्योंकि वह एक आसन्न खतरा बना हुआ था। ट्रम्प ने कहा, अगर हमने पहले ऐसा नहीं किया होता, तो वे इजरायल और हमें निशाना बना चुके होते।