Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
वर्ष 2021 में चूड़ाचांदपुर में सेना काफिले पर हुआ था हमला कर्नाटक के मुख्यमंत्री से मिले उद्योगपति गौतम अडाणी सेनापति में गोलीबारी में सीआरपीएफ जवान घायल अगर विपक्ष नहीं, तो इशारा किसकी तरफ था?: पी. चिदंबरम कांग्रेस ने कहा अब इसरो का गला घोंट रहे मोदी अमेरिका के अंधाधुंध आक्रमण से ईरान की सैन्य क्षमता उजागर भीषण गर्मी, दावानल और जलस्तर में कमी से नया राज खुला IRCTC अधिकृत एजेंट पर नहीं चलेगा रेलवे एक्ट की धारा 143 का केस: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रद्द किया क्... यूक्रेन का हाल देख अपनी पूर्व तैयारियों में जुट गया है पड़ोसी एमपी-यूपी बॉर्डर पर चंबल पुल पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, जाली से लटका दुष्कर्म का आरोपी युवक

नीतीश ने राज्यसभा के लिए नामांकन किया

बिहार में अब भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री बनेगा

  • सोशल मीडिया पर अपनी इच्छा जाहिर की

  • नामांकन के वक्त अमित शाह भी मौजूद रहे

  • विरोधी पक्ष ने कहा सृजन घोटाला कारण

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन प्रक्रिया के दौरान उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। यह कदम नीतीश कुमार द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री पद से हटने और राज्यसभा जाने के फैसले की घोषणा के बाद आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से नीतीश कुमार ने साझा किया कि उनकी लंबे समय से यह इच्छा थी कि वे बिहार विधानसभा और विधान परिषद के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्य बनें।

उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा, दो दशकों से अधिक समय से आपने मुझ पर निरंतर अपना अटूट विश्वास और समर्थन बनाए रखा है। इसी भरोसे की ताकत पर हमने पूरी निष्ठा के साथ बिहार और आप सभी की सेवा की है। आपके इसी विश्वास के कारण ही आज बिहार विकास और सम्मान के नए आयाम स्थापित कर पाया है। इसके लिए मैंने पहले भी कई अवसरों पर आपका आभार व्यक्त किया है।

यह घोषणा नीतीश कुमार द्वारा बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को शानदार जीत दिलाने के चार महीने से भी कम समय के भीतर हुई है। अनुभवी नेता नीतीश कुमार, जिन्होंने हाल ही में 75 वर्ष की आयु पूरी की है और नवंबर में रिकॉर्ड दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, अब उच्च सदन की ओर रुख करने के लिए तैयार हैं। दूसरी तरफ इस बात की भी चर्चा है कि दरअसल सृजन घोटाले की जांच के अब तक दबे होने की वजह से भी नीतीश कुमार अपनी कुर्सी भाजपा के लिए खाली कर रहे हैं।

नीतीश के राज्यसभा जाने के साथ ही अब भारतीय जनता पार्टी के लिए बिहार में पहली बार अपना मुख्यमंत्री नियुक्त करने का रास्ता साफ हो गया है। चर्चाओं से अवगत नेताओं के अनुसार, नीतीश औपचारिक रूप से 9 अप्रैल के बाद उच्च सदन में प्रवेश करेंगे, जब निवर्तमान सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होगा।

एनडीए के भीतर इस बदलाव को ‘सत्ता परिवर्तन’ के एक सुनियोजित कदम के रूप में देखा जा रहा है, ताकि अगले राजनीतिक चक्र से पहले एक नई नेतृत्व टीम स्थापित हो सके। इस बीच, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीतिक पदार्पण को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं, जिनके जल्द ही सार्वजनिक जीवन में आने की उम्मीद है।

गठबंधन के कुछ हलकों में माना जा रहा है कि उन्हें उपमुख्यमंत्री पद के लिए भी विचार में लिया जा सकता है, हालांकि अभी तक उनकी आधिकारिक भूमिका या जिम्मेदारियों पर कोई स्पष्टता नहीं है। भाजपा की तरफ से सम्राट चौधरी अथवा नित्यानंद राय के नाम की अधिक चर्चा होने लगी है।