अदालत का फैसला आते ही दिल्ली में सक्रिय हुई आप
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: दिल्ली आबकारी नीति मामले से बरी होने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को जंतर-मंतर पर एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए उन्हें भ्रष्ट करार दिया। उन्होंने घोषणा की कि जंतर-मंतर का यह ऐतिहासिक दिन भारतीय जनता पार्टी के सत्ता से पतन की शुरुआत का प्रतीक है।
केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई कार्रवाई इसलिए नहीं करेंगे क्योंकि या तो वे स्वयं या उनकी पार्टी और उनके करीबी मित्र घोटालों में शामिल हैं। उन्होंने मोदी सरकार को चुनौती देते हुए कहा, मैं भ्रष्ट नहीं हूँ, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी खुद भ्रष्टाचार कर रहे हैं। अपनी ईमानदारी का दावा करते हुए केजरीवाल ने राजनीति छोड़ने की पेशकश की। उन्होंने कहा, मैं 10 साल तक दिल्ली का मुख्यमंत्री रहा, अनगिनत फाइलें साइन कीं। यदि दिल्ली सरकार का एक भी ठेकेदार या वेंडर यह कह दे कि मैंने कभी उनसे पैसे की मांग की, तो मैं उसी वक्त राजनीति से संन्यास ले लूंगा।
केजरीवाल ने शुक्रवार (27 फरवरी, 2026) को एक विशेष अदालत द्वारा उन्हें और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित 21 अन्य को दिल्ली शराब नीति मामले में बरी किए जाने का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की जनता को परेशान करने की एक गहरी साजिश रची थी।
उन्होंने कहा, मुझे बार-बार भ्रष्ट बताकर 100 करोड़ रुपये की रिश्वत का झूठा आरोप लगाया गया। अब अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरा मामला फर्जी था और कोई सबूत नहीं है। अदालत ने यह संदेश दिया है कि मोदी जी आप झूठ बोल रहे हैं, केजरीवाल पूरी तरह ईमानदार है।
केजरीवाल का यह भाषण ऐसे समय में आया है जब देश का राजनीतिक माहौल काफी गर्म है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से भाजपा के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि दिल्ली की जनता इस साजिश का बदला आने वाले चुनावों में लेगी।