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पश्चिम बंगाल में मार्च के मध्य में हो सकता है चुनाव का एलान

तीन चरणों में मतदान की संभावना अधिक

राष्ट्रीय खबर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को संकेत दिया है कि राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों की औपचारिक घोषणा मार्च के दूसरे सप्ताह में की जा सकती है। चुनाव के दौरान मतदान कितने चरणों में संपन्न होगा, इसे लेकर काफी समय से कयास लगाए जा रहे थे।

इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए अधिकारी ने बताया कि राज्य में मतदान प्रक्रिया को अधिक समय तक खींचने के बजाय, इसे अधिकतम तीन चरणों में पूरा करने की प्रबल संभावना है। यह निर्णय सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सुगमता को ध्यान में रखते हुए लिया जा सकता है। चुनाव आयोग की स्थापित परंपरा के अनुसार, चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले आयोग की पूरी पीठ चुनावी राज्यों का दौरा करती है।

आयोग ने पहले ही तमिलनाडु और असम का दौरा कर लिया है, लेकिन पश्चिम बंगाल के लिए अभी तक यह दौरा लंबित है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग की टीम 1 मार्च को राज्य का दौरा नहीं करेगी। आयोग का यह दौरा ‘होली’ और ‘डोलयात्रा’ जैसे प्रमुख त्योहारों के संपन्न होने के बाद ही होने की संभावना है।

राज्य के सीईओ कार्यालय के अनुसार, चुनाव आयोग की पूरी टीम का दौरा संभवतः अंतिम मतदाता सूची  के प्रकाशन के बाद होगा। यदि यह समय-सीमा बनी रहती है, तो मार्च के मध्य तक चुनाव के आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा कर दी जाएगी। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से यह सुनिश्चित हो जाएगा कि राज्य में कितने नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे, जिसके बाद ही प्रशासनिक तैयारी अपने अंतिम चरण में पहुंचेगी।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन चुनावों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिसके बाद सभी राजनीतिक दल अपने प्रचार अभियान को और गति देंगे। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी की जा रही हैं ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जा सके।