Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
वार्ता के दौरान ही इजरायल का लेबनान पर हमला डैन्यूब नदी का पानी घटने पर हंगरी के सामने ऊर्जा संकट राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण में आतंकी हमला हो सकता है केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा हालात सामान्य होने में वक्त लगेगा जबलपुर: मुंह के कैंसर ऑपरेशन में भारी चूक! गाल के अंदर डॉक्टर ने लगाई ठुड्डी की स्किन, पीड़ित ने लगा... राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को झटका आसाराम की अंतरिम जमानत सुप्रीम कोर्ट में रद्द सदन में बयान दें और माफी मांगे अमित शाहः खडगे हैदराबाद से पैदल चलने के तनाव में बेकाबू हुआ था हाथी! इंदौर पुलिस की कार्रवाई, महावत गिरफ्तार बॉम्बे हाईकोर्ट का पूर्व संपादक तरुण तेजपाल के खिलाफ फैसला

सोम डिस्टिलरीज को झटका: जज ने याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, केस दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर

जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के दूसरे जज जस्टिस संदीप एन भट्ट ने भी सोम डिस्टिलरीज की याचिका सुनने से मना कर दिया. इसके पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा ने सोम डिस्टिलरीज के मामले को सुनने से मना कर दिया था. राज्य सरकार ने टैक्स चोरी मामले में सोम डिस्टलरी का लाइसेंस निरस्त कर दिया है.

फर्जी परमिट को लेकर सुनाई गई है सजा

मध्य प्रदेश में शराब निर्माण करने वाली अग्रणी कंपनी सोम डिस्टिलरीज पर आरोप लगे थे कि उसने फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट के आधार पर करोड़ों रुपए की शराब बाजार में बेचती है. इस मामले में सोम डिस्टिलरीज के उमाशंकर शर्मा, जीडी अरोरा, दिनकर सिंह, मोहन सिंह तोमर और दीनानाथ सिंह के विरुद्ध कोर्ट द्वारा कारावास और अर्थदंड तय किया गया है. आरोपी मदन सिंह द्वारा 5 फर्जी परमिट बुक, वीरेंद्र भारद्वाज द्वारा 272, रामप्रसाद मिश्रा द्वारा 25, प्रीति गायकवाड़ द्वारा 279, संजय गोहे द्वारा 282, कैलाश बंगाली द्वारा 29, मोहन सिंह तोमर ने 676, उमाशंकर ने 75, दिनकर सिंह द्वारा 65 फर्जी परमिट तैयार किए गए थे.

सजा की कार्रवाई पर रोक, लेकिन दोष अभी भी प्रभावी

इस मामले में कर्मचारियों के विरुद्ध अपर सत्र न्यायालय देपालपुर जिला इंदौर के एक प्रकरण में पारित निर्णय के आधार पर कार्रवाई की गई थी. इसमें कहा गया है कि उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर द्वारा संबंधित आपराधिक अपीलों में सजा के कार्रवाई पर रोक लगाई गई है, लेकिन दोषसिद्धि अभी भी प्रभावी है.

लाइसेंस निरस्त के आदेश को दी थी चुनौती

इसी मामले के आधार पर राज्य सरकार ने सोम डिस्टिलरीज का लाइसेंस निरस्त कर दिया था. कंपनी की ओर से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में लाइसेंस निरस्त करने के आदेश को चुनौती दी थी. यह मामला जबलपुर हाई कोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा के कोर्ट में लगा था, लेकिन उन्होंने इस मामले से खुद को अलग करते हुए कहा था कि वे इस मामले की सुनवाई नहीं करेंगे. इस मामले को किसी और कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाए.

2 जजों ने याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

रजिस्ट्रार की ओर से यह मामला जस्टिस संदीप एन भट्ट की कोर्ट में ट्रांसफर किया गया, जहां इसकी सुनवाई होनी थी, लेकिन जस्टिस भट्ट ने भी इस मामले से दूरी बनाते हुए, इसे किसी और अदालत में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है. 2 जजों के मना करने के बाद अब यह मामला और कठिन हो गया है, ऐसी स्थिति में सोम डिस्टिलरीज की समस्याएं बढ़ती जा रही है.