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वायनाड भूस्खलन पीड़ितों का गृह-प्रवेश 1 मार्च को

निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण टला

राष्ट्रीय खबर

तिरुअनंतपुरमः वर्ष 2024 में केरल के मुंडक्कई और चूरलमाला में आए भीषण भूस्खलन के उत्तरजीवियों के लिए बनाई जा रही टाउनशिप परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन टल गया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इन घरों का हस्तांतरण 25 फरवरी को होना था, लेकिन अब इसे पुनर्निर्धारित कर 1 मार्च, 2026 कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा आधिकारिक तौर पर इस स्थगन की घोषणा की गई। रिपोर्टों के अनुसार, परियोजना के पहले चरण में शामिल घरों का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 70 फीसद) अभी भी अंतिम फिनिशिंग के दौर में है। निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न न होने के कारण गृह-प्रवेश की तिथि को आगे बढ़ाना पड़ा। मकानों को रहने योग्य बनाने के लिए बिजली, पानी और सड़कों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचागत कार्यों को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। सरकार का लक्ष्य है कि जब परिवार यहां रहने आएं, तो उन्हें किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।

कलपेट्टा के पास पूर्व एल्सटन एस्टेट की भूमि पर विकसित की जा रही यह टाउनशिप, राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पुनर्वास पहल है। इस पूरी परियोजना के तहत कुल 410 मकान बनाए जाने हैं। पहले चरण में 178 परिवारों को उनके नए घरों की चाबियाँ सौंपी जानी हैं। टाउनशिप को एक व्यवस्थित शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

इसमें भूमिगत बिजली नेटवर्क, निरंतर जल आपूर्ति प्रणाली, आंतरिक सड़कें, आंगनवाड़ी, सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र, बाजार और सामुदायिक हॉल जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। प्रत्येक घर को 1,000 वर्ग फुट के क्षेत्र में बनाया गया है, जिसके लिए सात सेंट जमीन आवंटित की गई है। इन घरों को टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन के आधार पर तैयार किया गया है।

हालांकि सरकार द्वारा संचालित इस परियोजना में कुछ दिनों की देरी हुई है, लेकिन क्षेत्र में विभिन्न राजनीतिक दलों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा चलाए जा रहे अन्य आवास निर्माण कार्य जारी हैं। फरवरी के अंत तक कई अन्य संगठनों द्वारा भी छोटे स्तर पर गृह-प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।