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एप्स्टीन फाइल्स का एक पन्ना और जानकारी में आया

हैदराबाद के व्यवसायी रवि मंथा का नाम भी

राष्ट्रीय खबर

हैदराबादः अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा हाल ही में सार्वजनिक की गई एप्स्टीन फाइल्स में हैदराबाद के प्रसिद्ध व्यवसायी और हेल्थ गुरु रवि मंथा का नाम सामने आने के बाद भारत में राजनीतिक और व्यावसायिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। फाइल्स के अनुसार, मंथा उन प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल थे जिन्होंने सजायाफ्ता यौन अपराधी जेफरी एप्स्टीन से मुलाकात की थी या उनके साथ ईमेल के जरिए संपर्क में थे। रवि मंथा हैदराबाद के एक उच्च-प्रोफ़ाइल व्यवसायी, निवेशक और लेखक हैं। उन्हें विशेष रूप से दो कारणों से जाना जाता है:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ाव: मंथा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के चुनावी अभियान की रणनीति में मदद की थी। इसके अलावा, उन्होंने मोदी द्वारा गुजराती में लिखी गई कविताओं का अंग्रेजी अनुवाद प्रकाशित किया था। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म श्रीकांत में भी उनका एक चरित्र दिखाया गया है, जो दृष्टिबाधित उद्योगपति श्रीकांत बोल्ला की मदद करता है।

अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों के अनुसार, 2017 के उत्तरार्ध में रवि मंथा और एप्स्टीन के बीच ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था। एक ईमेल में मंथा ने एप्स्टीन के कार्यालय को लिखा, कृपया जेफरी को याद दिलाएं कि हम पहले जनवरी में मिले थे… हमारे बीच एक घंटे की बेहतरीन बातचीत हुई थी।

दस्तावेजों से पता चलता है कि मंथा ने एप्स्टीन के साथ कुछ स्वास्थ्य संबंधी प्रोटोकॉल और उपचार विधियों पर चर्चा की थी। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि रिकॉर्ड में मंथा की ओर से किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या तस्करी में संलिप्तता का कोई सबूत नहीं है।

इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए रवि मंथा ने स्पष्ट किया कि उनका एप्स्टीन से संपर्क केवल एक होलिस्टिक हीलर और वेलनेस कोच के रूप में था। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में उन्होंने रिचर्ड ब्रैनसन और दीपक चोपड़ा जैसी वैश्विक हस्तियों समेत हजारों लोगों का इलाज किया है और एप्स्टीन भी उन्हीं में से एक थे। उन्होंने जोर देकर कहा, मैंने एप्स्टीन के साथ कभी कोई सामाजिक मेलजोल नहीं रखा, और यह बात ईमेल संचार से पूरी तरह स्पष्ट है।

चूंकि रवि मंथा का नाम सत्ताधारी दल और प्रधानमंत्री के साथ जुड़ा रहा है, इसलिए विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, सरकारी सूत्रों और स्वयं मंथा ने इसे केवल एक पेशेवर मुलाकात करार दिया है। वर्तमान में, इस मामले में किसी कानूनी कार्रवाई का संकेत नहीं है, लेकिन वैश्विक स्तर पर एप्स्टीन से जुड़ी फाइल्स का खुलना भारत के कुलीन वर्गों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है।