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नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री पर गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप

अब एपस्टीन से संबंधों की जांच तेज की गयी

ओस्लोः नॉर्वे की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब देश के पूर्व प्रधानमंत्री थोरबजर्न जगलैंड पर गंभीर भ्रष्टाचार के औपचारिक आरोप लगाए गए। यह कार्रवाई कुख्यात दिवंगत अमेरिकी अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ उनके कथित संबंधों की गहन पुलिस जांच के बाद की गई है। जगलैंड का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी फर्म एल्डेन लॉ फर्म ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

जांच का दायरा और छापेमारी नॉर्वे की आर्थिक और पर्यावरणीय अपराध जांच एजेंसी, ओकोक्रिम, इस मामले का नेतृत्व कर रही है। एजेंसी के निदेशक पाल लोनसेथ ने एक आधिकारिक बयान में जानकारी दी कि गुरुवार को ओस्लो में जगलैंड के निजी आवास के साथ-साथ दो अन्य संपत्तियों पर भी छापेमारी की गई। जांचकर्ताओं का मुख्य उद्देश्य उन सबूतों को तलाशना है जो जगलैंड और एपस्टीन के बीच वित्तीय लेन-देन या अनुचित लाभ के आदान-प्रदान की पुष्टि कर सकें। ओकोक्रिम अब इस मामले के अगले चरण के रूप में जगलैंड से विस्तृत पूछताछ करने की तैयारी कर रहा है।

भ्रष्टाचार के आरोपों की जड़ें यह पूरा मामला अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए जेफरी एपस्टीन से संबंधित दस्तावेजों के नवीनतम सेट के बाद सामने आया है। जांचकर्ताओं का संदेह है कि जगलैंड ने अपने प्रभावशाली पदों पर रहते हुए—जब वे 1996 से 1997 तक नॉर्वे के प्रधानमंत्री थे, और बाद में विदेश मंत्री तथा काउंसिल ऑफ यूरोप के महासचिव रहे—एपस्टीन से उपहार, यात्रा सुविधाएं और ऋण प्राप्त किए थे। कानून के अनुसार, सार्वजनिक पद पर रहते हुए ऐसे लाभ लेना गंभीर भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। जगलैंड के वकील एंडर्स ब्रोस्वीट ने स्पष्ट किया है कि छापेमारी जांच की एक सामान्य प्रक्रिया है और जगलैंड पूर्ण सहयोग करने के लिए तैयार हैं ताकि मामले की तह तक जाया जा सके।

जगलैंड का मामला नॉर्वे में अकेले नहीं आया है; यह देश के शाही परिवार के लिए भी एक बड़ी मुसीबत बनकर उभरा है। जारी किए गए दस्तावेजों से पता चला है कि नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेट-मैरिट और एपस्टीन के बीच भी व्यापक पत्राचार और संपर्क था। यह संपर्क उस समय भी जारी रहा जब एपस्टीन एक नाबालिग से यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। हालांकि राजकुमारी ने इसके लिए गहरा खेद व्यक्त किया है और कहा है कि वे एपस्टीन के असली चरित्र को समय रहते नहीं पहचान सकीं, लेकिन जनता के बीच उनकी छवि को गहरा धक्का लगा है। कई चैरिटी संस्थाओं ने शाही परिवार से अपने संबंध तोड़ने या उनकी समीक्षा करने का निर्णय लिया है।

भविष्य पर सवाल यह विवाद ऐसे समय में आया है जब नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम (88 वर्ष) के स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है, जिससे उनके उत्तराधिकार का प्रश्न महत्वपूर्ण हो गया है। मेट-मैरिट के एपस्टीन से संबंधों ने सार्वजनिक रूप से यह बहस छेड़ दी है कि क्या उन्हें भविष्य में रानी बनना चाहिए। जगलैंड की गिरफ्तारी और शाही परिवार से जुड़े खुलासे नॉर्वे के लोकतंत्र और नैतिकता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो रहे हैं।