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एपस्टीन फाइल्स के नये खुलासे से अमेरिका में हलचल

देश की वर्तमान अटॉर्नी पाम बोंडी से पूछताछ

वाशिंगटन: अमेरिका की वर्तमान अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी एक बार फिर एक बड़े कानूनी और राजनीतिक विवाद के केंद्र में हैं। हाल ही में सार्वजनिक हुई एपस्टीन फाइल्स के नए दस्तावेजों और उससे जुड़ी जांच ने अमेरिकी राजनीति में तूफान ला दिया है। बुधवार को हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के सामने हुई पांच घंटे लंबी तीखी सुनवाई के दौरान, बोंडी को उन आरोपों का सामना करना पड़ा जिनमें उन पर एपस्टीन के शक्तिशाली सहयोगियों को बचाने के लिए दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने का दावा किया गया है।

यह पूछताछ मुख्य रूप से न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए 30 लाख से अधिक पन्नों के उन दस्तावेजों पर आधारित थी, जो दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन और उसके नेटवर्क से संबंधित हैं। जांच अधिकारियों और डेमोक्रेटिक सांसदों का आरोप है कि पाम बोंडी के नेतृत्व में न्याय विभाग ने रसूखदार लोगों के नामों को अनावश्यक रूप से और बिना किसी ठोस स्पष्टीकरण के छिपाया है। जांच का एक अहम हिस्सा पाम बोंडी और एपस्टीन के सहयोगियों के बीच कथित संदिग्ध संचार की पड़ताल करना भी है। सूत्रों के अनुसार, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या बोंडी के पास उन गुप्त समझौतों की कोई जानकारी थी, जिनका उद्देश्य वीआईपी हस्तियों को कानूनी आंच से बचाना था।

सुनवाई के दौरान पाम बोंडी ने काफी आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित और थिएट्रिक्स (नाटकीयता) करार दिया। बोंडी ने तर्क दिया कि उनके विभाग ने तय समय सीमा के भीतर लाखों फाइल्स की समीक्षा की है और रेडैक्शन (नाम छिपाना) केवल पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रखने के लिए किया गया है। उन्होंने डेमोक्रेटिक सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे डोनाल्ड ट्रंप और उनके करीबियों को निशाना बनाने के लिए इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं।

एपस्टीन मामले से जुड़े ये नए सबूत दर्शाते हैं कि जेफरी एपस्टीन का जाल कितना गहरा और व्यापक था। फाइल्स में एलन मस्क और हावर्ड लुटनिक जैसी प्रभावशाली हस्तियों के नाम आने से पहले ही खलबली मची हुई है। हालांकि इनमें से किसी पर भी अपराध का आरोप सिद्ध नहीं हुआ है, लेकिन पाम बोंडी द्वारा इन फाइल्स के प्रबंधन पर उठ रहे सवाल अब एक बड़े संवैधानिक संकट की ओर इशारा कर रहे हैं। यह मामला फिर साबित करता है कि एपस्टीन की मौत के वर्षों बाद भी, उसके रहस्य अमेरिकी सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं।