भोपाल : राजधानी भोपाल में एक बार फिर मेडिकल छात्रा की संदिग्ध हालात मौत से सनसनी फैली. गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) की MBBS प्रथम वर्ष की छात्रा कोहेफिजा इलाके के प्राइवेट पीजी में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई. छात्रा डे-स्कॉलर थी.
3 माह पहले एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में एडमिशन
मंगलवार सुबह मेडिकल स्टूडेंट कमरे के बाथरूम में बेसुध मिली. कमरे और बाथरूम का दरवाजा तोड़कर दोस्तों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. पुलिस अब पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का इंतेज़ार कर रही है. छात्रा का नाम रोशनी है. शव के पास ही एसिड की बोतल भी मिली है. रोशनी ने पिछले साल ही अक्टूबर में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया था.
स्टूडेंट्स ने बाथरूम का दरवाजा खोला तो चीख निकली
मेडिकल छात्राओं के मुताबिक रोशनी को कई बार आवाज दी. उसे फोन कॉल किया, लेकिन रोशनी ने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद पीजी के गार्ड को सूचना दी गई. गार्ड पहुंचा तो पहले कमरे और फिर बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया, जहां रोशनी बेसुध मिली. साथी स्टूडेंट्स ने बताया “रोशनी के पास एक खाली एसिड की बोतल भी पड़ी हुई थी.” फौरन कॉलेज प्रबंधन को सूचना दी गई.
पीएम रिपोर्ट के बाद तस्वीर साफ होगी
पुलिस की जांच जारी है लेकिन एसिड की मौजूदगी ने मामले को जटिल बना दिया है. क्या उसने खुद जान दी है या फिर कोई साजिश है? पुलिस के लिए यह जांच का विषय है. कोहेफिजा थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला ने बताया “पोस्टमार्टम हमीदिया अस्पताल में किया जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा.”
पुलिस का कहना है “परिजनों के बयान के बाद तस्वीर कुछ साफ हो सकती है.” गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन कविता एन. सिंह ने बताया “रोशनी के मोबाइल में परिजन को भेजे गए मैसेज से पता चला है कि वह पढ़ाई को लेकर तनाव में थी. मेहनत करने के बावजूद ठीक से समझ नहीं पा रही थी.” रोशनी अलीराजपुर की रहने वाली थी. साथी छात्रों ने बताया कि वह पिछले हफ्ते ही घर से लौटकर भोपाल आई थी. वह पढ़ाई को लेकर गंभीर और शांत स्वभाव की थी.