यूक्रेन का रूस पर नया प्रतिबंध लागू
कीवः यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने एक नया आधिकारिक डिक्री (आदेश) जारी कर रूसी रक्षा उद्योग और उसके वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र पर नए, कठोर प्रतिबंधों की घोषणा की है। यह कार्रवाई 7 फरवरी 2026 को यूक्रेन के विभिन्न शहरों पर हुए उस भीषण हमले के जवाब में की गई है, जिसमें रूस ने 400 से अधिक आत्मघाती ड्रोनों और 40 मिसाइलों का उपयोग कर नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया था।
यूक्रेनी खुफिया विभाग की रिपोर्टों के अनुसार, रूसी मिसाइलों और ड्रोनों के मलबे में पश्चिमी और एशियाई देशों में निर्मित सेमीकंडक्टर और माइक्रोचिप्स पाए गए हैं। ज़ेलेंस्की का नया आदेश इसी आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने पर केंद्रित है। यूक्रेन ने पहली बार ऐसी 62 कानूनी संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया है जो केवल रूस तक ही सीमित नहीं हैं। इसमें हांगकांग, किर्गिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात की कई फर्में शामिल हैं।
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि बिना इन विदेशी इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों के, रूस के लिए अपनी मिसाइल निर्माण इकाइयों को चालू रखना असंभव होगा। रूस द्वारा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रतिबंधों से बचने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग किया जा रहा था। यूक्रेन के नए पैकेज में इस पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन रूसी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया है जो बड़े पैमाने पर क्रिप्टो माइनिंग कर युद्ध के लिए धन जुटा रही थीं।
सूची में ऐसे 66 प्रभावशाली रूसी और विदेशी व्यापारी शामिल हैं जो रूस के वित्तीय क्षेत्र को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाले पुल का काम कर रहे थे। यह यूक्रेन की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अधिकतम दबाव की नीति अपना रहा है। कीव द्वारा घोषित ये प्रतिबंध यूरोपीय संघ के आगामी 20वें प्रतिबंध पैकेज का आधार बनेंगे। यूक्रेन अब उन देशों पर भी दबाव बना रहा है जो अभी भी रूस के साथ तटस्थ व्यापार कर रहे हैं, ताकि मास्को को आर्थिक रूप से पूरी तरह अलग-थलग किया जा सके।
ज़ेलेंस्की का यह कदम यह संदेश देता है कि यूक्रेन अब केवल मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक वित्तीय गलियारों में भी रूस का मुकाबला करने के लिए तैयार है। यह प्रतिबंध युद्ध के मैदान पर रूस की भविष्य की आक्रमण क्षमता को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे।