Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
IMD Monsoon Update 2026: कम बारिश और प्रचंड गर्मी करेगी परेशान, मौसम विभाग ने मानसून को लेकर जारी कि... Trump Warns Iran: 'होर्मुज में जहाज आए तो उड़ा देंगे', ट्रंप की ईरान को दो टूक- अब होगी तेज और बेरहम... Asha Bhosle Funeral : अंतिम विदाई में उमड़ा सैलाब, मनपसंदीदा फूलों से सजे रथ पर निकलीं Asha ताई की य... यूरेनस तक की यात्रा का समय आधा होगा झारखंड की राजनीति में दरार: जेएमएम और कांग्रेस के रिश्तों में कड़वाहट सुप्रीम कोर्ट से एमएसपी की याचिका पर नोटिस जारी चुनाव आयोग का खेल और तरीका अब उजागर हो चुका हम इस विवाद में अंधे नहीं हो सकते: सुप्रीम कोर्ट टाइपिंग की गलतियों के बहाने वोटर काटे गयेः योगेंद्र यादव जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में असम सरकार

इसरो के चंद्रयान 4 मिशन की तैयारियां जारी

चांद के दक्षिणी ध्रुव पर खोजा गया सुरक्षित लैंडिंग साइट

  • चंद्रयान 2 के आंकड़ों से मदद मिली

  • तस्वीरों का विश्लेषण कर लिया फैसला

  • वहां से नमूने लेकर लौटेगा यह यान

राष्ट्रीय खबर

चेन्नईः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन अपने अगले महत्वाकांक्षी मिशन, चंद्रयान-4 के लिए जमीन तैयार कर रहा है। हालिया वैज्ञानिक विश्लेषणों के बाद, इसरो ने चंद्रमा के दुर्गम दक्षिणी ध्रुव पर एक ऐसी जगह की पहचान की है जो भविष्य के मिशन के लिए तकनीकी रूप से स्वर्ग मानी जा रही है। यह स्थान मॉन्स मूटन नामक पर्वत के करीब स्थित है।

इसरो के स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर के विशेषज्ञों ने चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर द्वारा भेजी गई बेहद स्पष्ट और उच्च-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरों का बारीकी से अध्ययन किया है। इस शोध का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा 1 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र चुनना था, जहाँ लैंडिंग के दौरान जोखिम न्यूनतम हो। चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव अपनी ऊबड़-खाबड़ सतह, गहरे गड्ढों और लंबी परछाइयों के लिए जाना जाता है, जो किसी भी लैंडर के लिए एक बड़ी चुनौती है।

किसी भी सफल लैंडिंग के लिए इसरो ने कुछ कड़े मापदंड निर्धारित किए हैं, जिन पर यह नई खोजी गई साइट खरी उतरती है। यहाँ की ढलान 10 डिग्री से भी कम है, जिससे लैंडर के पलटने का खतरा नहीं रहेगा। यहाँ मौजूद पत्थरों का आकार 0.32 मीटर से छोटा है, जो सुरक्षित टचडाउन के लिए आदर्श है। इस स्थान पर सौर ऊर्जा के लिए कम से कम 11 से 12 दिनों तक निरंतर सूर्य की रोशनी उपलब्ध रहेगी। साथ ही, यहाँ से पृथ्वी के साथ रेडियो संपर्क स्थापित करना भी काफी सुगम है।

चंद्रयान-4 भारत का पहला सैंपल रिटर्न मिशन होगा। इसका अर्थ है कि यह न केवल चाँद पर उतरेगा, बल्कि वहाँ की मिट्टी और चट्टानों के नमूने एकत्र कर उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस भी लाएगा। मॉन्स मूटन के पास की यह खोज भारत को अंतरिक्ष महाशक्ति बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यदि लैंडिंग साइट सिलेक्शन कमेटी इस स्थान पर अपनी अंतिम मुहर लगा देती है, तो भारत चंद्रमा के रहस्यों और वहाँ मौजूद संभावित पानी (बर्फ) के स्रोतों की खोज में दुनिया का नेतृत्व करेगा।