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ईरान-इज़राइल महायुद्ध में शीर्ष नेतृत्व का बड़ा हिस्सा साफ

अयातुल्ला खामेनेई और शीर्ष सैन्य कमान का अंत

वाशिंगटन: मध्य पूर्व के इतिहास में शनिवार का दिन सबसे विनाशकारी सिद्ध हुआ। अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त मेजर कॉम्बैट ऑपरेशन में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु की पुष्टि हो गई है। ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, 86 वर्षीय खामेनेई के साथ उनके परिवार के कई सदस्य, जिनमें उनकी बेटी, दामाद और पोता शामिल हैं, इस सटीक हमले में मारे गए। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने इसे मुसलमानों के खिलाफ खुले युद्ध की घोषणा करार दिया है।

खामेनेई के अलावा, इस हमले ने ईरान की सैन्य और रणनीतिक रीढ़ को पूरी तरह तोड़ दिया है। मारे गए प्रमुख चेहरों में जो लोग शामिल हैं, वे शीर्ष नेतृत्व की श्रेणी के थे। इनमें ईरान की रक्षा परिषद के सचिव और खामेनेई के सबसे भरोसेमंद सलाहकार। शमखानी परमाणु वार्ता में मुख्य भूमिका निभा रहे थे। 2025 के युद्ध में जीवित बचने के बाद उन्हें रक्षा नीतियों के समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ। मौसवी ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रम के मास्टरमाइंड माने जाते थे। उन पर 2019 के प्रदर्शनों के दौरान मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप में पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध भी लगाए थे। अजीज नासिरजादेह, राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान की सरकार में रक्षा मंत्री।

पूर्व वायुसेना प्रमुख के रूप में उन्होंने हमेशा क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी। मोहम्मद पाकपुर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर-इन-चीफ। पाकपुर ने 16 वर्षों तक जमीनी बलों का नेतृत्व किया था और पिछले वर्ष ही उन्हें एलीट फोर्स की कमान सौंपी गई थी। अमेरिकी अधिकारियों ने खुलासा किया कि सीआईए महीनों से इन नेताओं की गतिविधियों को ट्रैक कर रही थी।

शनिवार को जब एक उच्च स्तरीय बैठक की सूचना मिली, तो हमले का समय बदल दिया गया ताकि पूरी शीर्ष कमान को एक साथ निशाना बनाया जा सके। जहाँ राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे ईरान के लिए स्वतंत्रता का क्षण बताया है, वहीं चीन और रूस ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन और नग्न आक्रामकता करार दिया है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इज़राइल और खाड़ी देशों पर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं, जिससे संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत में भी हताहतों की खबरें हैं। क्षेत्र अब एक अनियंत्रित क्षेत्रीय युद्ध की कगार पर खड़ा है।