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राहुल और खडगे को तीसरी कतार में कुर्सी

गणतंत्र दिवस पर प्रोटोकॉल के उल्लंघन में फंसी सरकार

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस समारोह में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की सीटों को तीसरी पंक्ति में रखे जाने पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए कांग्रेस ने 2014 की एक तस्वीर भी साझा की है।

कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए एक्स पर लिखा, क्या देश के विपक्ष के नेता के साथ ऐसा व्यवहार किसी भी शालीनता, परंपरा और प्रोटोकॉल के मानकों पर खरा उतरता है? यह केवल हीन भावना से ग्रस्त सरकार की हताशा को दर्शाता है।

वहीं, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर राहुल गांधी का अपमान” करने के लिए ऐसा किया है। उन्होंने 2014 की फोटो साझा करते हुए पूछा कि तब एल.के. आडवाणी अग्रिम पंक्ति में बैठे थे, तो अब प्रोटोकॉल में यह गड़बड़ी क्यों? 2014 में एल.के. आडवाणी न तो लोकसभा में और न ही राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे, जबकि उस समय के राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली अग्रिम पंक्ति में दिखाई दे रहे थे।

हालांकि, केंद्र ने अभी तक इन आरोपों पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सरकारी समारोहों में बैठने की व्यवस्था राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी वरीयता क्रम के अनुसार की जाती है। इस क्रम में विपक्ष के नेता का स्थान सातवां है।

भाजपा ने कांग्रेस पर आयोजन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, राहुल गांधी तीसरी पंक्ति में बैठने से परेशान नहीं हैं; वह तो उस समय फोन इस्तेमाल करते पकड़े जाने से ध्यान भटका रहे हैं, जब देश कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस मिसाइलों का प्रदर्शन देख रहा था। भाजपा के अमित मालवीय ने यह भी याद दिलाया कि पिछले साल खड़गे और गांधी इस कार्यक्रम से नदारद थे।

इस वर्ष 77वें गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता, एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सैन्य परेड और सांस्कृतिक प्रदर्शन का अवलोकन किया।