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बर्फवारी का आनंद लेने गये हजारों पर्यटक परेशान

होटलों में जगह नहीं, आठ किलोमीटर लंबा जाम

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः हिमाचल प्रदेश का प्रमुख पर्यटन केंद्र मनाली इस समय एक अजीबोगरीब संकट से जूझ रहा है। एक तरफ करीब तीन महीने के लंबे सूखे के बाद हुई सीजन की पहली भारी बर्फबारी ने चेहरे पर मुस्कान लाई है, तो दूसरी तरफ इसने पर्यटकों के लिए एक ‘दुःस्वप्न’ की स्थिति पैदा कर दी है। शनिवार को कुल्लू जिले के कोठी और मनाली के बीच करीब 8 किलोमीटर लंबा भारी ट्रैफिक जाम देखा गया। आलम यह था कि शुक्रवार शाम से शुरू हुआ यह जाम 24 घंटे बाद भी पूरी तरह नहीं खुल पाया, जिससे हजारों पर्यटक कड़कड़ाती ठंड में अपनी गाड़ियों में ही फंसे रहे।

मनाली के होटलों में इस समय ऑक्यूपेंसी 100 फीसद तक पहुंच गई है। गणतंत्र दिवस के लंबे सप्ताहांत और बर्फबारी की खबर ने पर्यटकों की संख्या में अचानक भारी वृद्धि कर दी। मनाली में जगह न मिलने के कारण अब बड़ी संख्या में लोग कुल्लू और आसपास के ग्रामीण इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। प्रशासन के अनुसार, कई पर्यटकों को रातभर अपनी कारों में ही सोकर समय बिताना पड़ा क्योंकि शहर के भीतर ठहरने का कोई विकल्प शेष नहीं था।

पूरे हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी और बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, पूरे राज्य में कुल 685 सड़कें बंद हैं। लाहौल-स्पीति: यहाँ सबसे बुरा हाल है, जहाँ 292 सड़कें अवरुद्ध हैं। चंबा और मंडी: क्रमशः 132 और 126 सड़कें बंद हैं। कुल्लू और शिमला: कुल्लू में 79 और शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण संपर्क कटा हुआ है। हिंदुस्तान-तिब्बत रोड पर धल्ली के आगे यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है। नारकंडा, रोहड़ू और किन्नौर जैसे इलाके भारी बर्फ की चादर के नीचे दबे होने के कारण शेष राज्य से कट गए हैं।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 26 से 28 जनवरी के बीच राज्य में भारी बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा। कांगड़ा, मंडी, सोलन और हमीरपुर जैसे जिलों के लिए घने कोहरे और ‘कोल्ड वेव’ का येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे बिना किसी पुख्ता बुकिंग और अत्यंत आवश्यकता के ऊंचे पहाड़ी इलाकों की यात्रा न करें।