चीन उन्हें जिंदा निगल ही जाएगाः डोनाल्ड ट्रंप
वाशिंगटनः अमेरिका और उसके उत्तरी पड़ोसी कनाडा के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर तीखा हमला करते हुए चेतावनी दी है कि यदि कनाडा ने अमेरिका के सुरक्षा प्रस्तावों के बजाय चीन के साथ व्यापार को प्राथमिकता दी, तो चीन उसे एक साल के भीतर निगल जाएगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में गोल्डन डोम नामक एक महत्वाकांक्षी मिसाइल रक्षा प्रणाली का प्रस्ताव रखा है, जिसे ग्रीनलैंड के ऊपर स्थापित करने की योजना है। ट्रंप का दावा है कि यह तकनीक न केवल अमेरिका बल्कि पूरे उत्तरी अमेरिका, विशेषकर कनाडा की रक्षा करेगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, कनाडा ग्रीनलैंड पर गोल्डन डोम बनाए जाने के खिलाफ है, जबकि यह उनकी भी रक्षा करेगा। इसके बजाय उन्होंने चीन के साथ व्यापार करने का फैसला किया है, जो उन्हें पहले ही साल में खा जाएगा।
यह विवाद तब और गहरा गया जब ट्रंप ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान कार्नी को अकृतज्ञ कहा। ट्रंप ने तर्क दिया कि कनाडा अमेरिका से मिलने वाली सुरक्षा मुफ्त में प्राप्त करता है और उसे अमेरिकी रक्षा परियोजनाओं का समर्थन करना चाहिए।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ट्रंप की सॉफ्ट पावर और टैरिफ की धमकियों के बीच एक स्वतंत्र आर्थिक राह चुनने का संकेत दिया है। 17 जनवरी 2026 को कनाडा ने चीन के साथ एक बड़े व्यापार समझौते की घोषणा की। कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाए गए 100 फीसद टैरिफ को घटाकर मात्र 6 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है (शुरुआत में 49,000 वाहनों का कोटा)। बदले में, चीन ने कनाडा के कृषि उत्पादों, विशेषकर कैनोला बीज पर टैरिफ 84 प्रतिशत से घटाकर 15 फीसद कर दिया है।
कार्नी ने दावोस में स्पष्ट किया कि दुनिया अब नियम-आधारित व्यवस्था से हटकर महासत्ता प्रतिद्वंद्विता के युग में है। उन्होंने कहा कि कनाडा अब अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए व्यापार विविधीकरण कर रहा है।
कनाडा ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है कि वह अमेरिका के कारण जीवित है। राजदूत कर्स्टन हिलमैन ने कहा कि कनाडा अगले 5 वर्षों में अपनी रक्षा प्रणाली में 80 अरब डॉलर का निवेश कर रहा है। वहीं, कनाडाई अधिकारियों ने ट्रंप की गोल्डन डोम योजना को प्रोटेक्शन रैकेट करार दिया है, जिसमें अमेरिका ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की बात कर रहा है।