Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
आई एजेंट्स ने साइबर सुरक्षा टेस्टिंग के दौरान बनाई फर्जी ऑनलाइन पहचान, यूके AI सिक्योरिटी इंस्टीट्यू... सावन में गूंज रहे 'हर-हर महादेव' के जयकारे, डिंडौरी के ऋण मुक्तेश्वर धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सै... तंदुरुस्त दिखने वाले बॉडीबिल्डर क्यों हो रहे अचानक अकाल मृत्यु के शिकार? 2025 के आंकड़े डरा रहे दिल्ली-एनसीआर में 10 अगस्त तक थमने वाली नहीं बारिश! यूपी, बिहार और एमपी में अति भारी वर्षा का अलर्ट ... केरल और असम में बारिश-बाढ़ का तांडव: केरल में 25 और असम में 87 मौतें; 8 जिलों में रेड अलर्ट जारी आवारा कुत्तों व मवेशियों की समस्या पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त: यूपी सरकार को 2 हफ्ते में व्यापक एक्शन... गिरिडीह में आसमानी बिजली का कहर! 4 मासूम बच्चों समेत 5 लोगों की दर्दनाक मौत, क्षेत्र में शोक की लहर महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल के संकेत! मंत्रियों की ढिलाई पर भड़के एकनाथ शिंदे, संगठन विस्त... भोपाल जंगल सोना-कैश कांड: पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से मिली जमानत, 18 महीने बा... सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पेट्रोल पंप पर नहीं मिलेगा ईंधन, नए वाह...

मुसेवेनी फिर से राष्ट्रपति चुने गए

युगांडा के चुनाव में विपक्ष द्वारा गड़बड़ी का आरोप लगा

कंपालाः युगांडा के अनुभवी राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को शनिवार को राष्ट्रपति चुनाव में भारी मतों से विजेता घोषित किया गया। इस जीत के साथ ही उनका शासन अब पांचवें दशक में प्रवेश कर गया है। हालांकि, इस चुनावी प्रक्रिया पर हिंसा की घटनाओं और धोखाधड़ी के आरोपों का साया रहा।

81 वर्षीय मुसेवेनी को इस चुनाव में वह निर्णायक जीत मिली है जिसकी वे तलाश कर रहे थे, ताकि उनके उत्तराधिकार को लेकर बढ़ती अटकलों के बीच उनकी राजनीतिक स्थिति और मजबूत हो सके। राजधानी कंपाला में आयोजित एक समारोह के दौरान युगांडा के चुनाव आयोग ने बताया कि मुसेवेनी को लगभग 72 प्रतिशत मत प्राप्त हुए हैं। वहीं, उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी और पॉप गायक से राजनेता बने बॉबी वाइन को 24 प्रतिशत वोट मिले।

बॉबी वाइन ने चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि यह चुनाव इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच कराया गया था, जिसे अधिकारियों ने गलत सूचनाओं को रोकने के लिए जरूरी बताया था। वाइन ने अपने समर्थकों से इस नतीजे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।

शनिवार को वाइन के ठिकाने के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी। उन्होंने दावा किया था कि वह अपने घर पर सेना द्वारा की गई छापेमारी के बाद वहां से भागने में सफल रहे। उनके करीबियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि वे अभी युगांडा में ही कहीं छिपे हुए हैं।

वाइन (जिनका असली नाम रॉबर्ट क्यगुलानी है) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, कल की रात हमारे घर पर बहुत कठिन थी। सेना और पुलिस ने हम पर छापा मारा। उन्होंने बिजली काट दी और हमारे कुछ सीसीटीवी कैमरों को भी बंद कर दिया। उन्होंने आगे कहा, मैं पुष्टि करना चाहता हूं कि मैं उनसे बचने में सफल रहा। फिलहाल मैं घर पर नहीं हूं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य घर में ही नजरबंद हैं।

मतदान खत्म होने के कुछ घंटों बाद हिंसा की एक बड़ी घटना सामने आई। पुलिस के अनुसार, मध्य युगांडा में स्थानीय सांसद मुवांगा किवुम्बी द्वारा संगठित विपक्षी गुंडों के खिलाफ आत्मरक्षा में की गई गोलीबारी में सात लोग मारे गए और तीन घायल हो गए। हालांकि, किवुम्बी ने पुलिस के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने उनके घर के भीतर 10 लोगों की हत्या की है।

कुल मिलाकर, उन आशंकाओं को काफी हद तक टलते देखा गया कि युगांडा में भी पड़ोसी देश तंजानिया जैसी हिंसा हो सकती है, जहां अक्टूबर के चुनावों के बाद सैकड़ों लोग मारे गए थे। मुसेवेनी की जीत कोई आश्चर्य की बात नहीं थी। 1986 में एक विद्रोह के नेतृत्व के माध्यम से सत्ता में आने के बाद से, उन्होंने उम्र और कार्यकाल की सीमा को हटाने के लिए दो बार संविधान में संशोधन किया है और वर्तमान में सभी सरकारी संस्थानों पर उनका वर्चस्व है।