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अब पूर्वी यरुशलम में मुख्यालय को ढाह दिया

इजरायल ने कानून पारित कर यूएन को प्रतिबंधित किया

यरुशलमः इजराइल ने पूर्वी यरुशलम स्थित फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के मुख्यालय को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी। यह कदम उस कानून के पारित होने के बाद उठाया गया है, जिसके तहत इजराइल में इस संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

प्राप्त फुटेज के अनुसार, इजराइल भूमि प्राधिकरण के प्रवर्तन अधिकारियों के साथ पुलिस बल बुलडोजर और इंजीनियरिंग उपकरणों के साथ परिसर में पहुंचे और साइट को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। इजराइल भूमि प्राधिकरण ने एक बयान में कहा कि कानून प्रवर्तन बलों ने संपत्ति पर पूर्ण कब्जा सुरक्षित कर लिया है और परिसर को खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

यूएनआरडब्ल्यूए ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र एजेंसी और उसके परिसरों पर एक अभूतपूर्व हमला करार दिया। एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह इजराइल द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानून की खुली और जानबूझकर की गई अवहेलना का एक नया स्तर है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों का भी उल्लंघन शामिल है।

गौरतलब है कि 1946 के विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन, जिसमें इजराइल 1949 में शामिल हुआ था, स्पष्ट रूप से कहता है कि संयुक्त राष्ट्र के परिसर और सुविधाएं अनुलंघनीय होंगी। उन्हें किसी भी तलाशी, जब्ती, अधिग्रहण या हस्तक्षेप से सुरक्षा प्राप्त होगी।

इजराइल के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में तर्क दिया कि यरुशलम परिसर का मालिकाना हक इजराइल सरकार के पास है। मंत्रालय ने कहा कि यूएनआरडब्ल्यूए ने इस साइट पर अपना संचालन पहले ही बंद कर दिया था और अब वहां कोई कर्मचारी या गतिविधि नहीं है। बयान में आगे कहा गया कि इस परिसर को कोई विशेष छूट प्राप्त नहीं है और इसकी जब्ती इजरायली और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनों के अनुसार की गई है। मंत्रालय ने यूएनआरडब्ल्यूए को आतंकवाद की पौधशाला बताया जो बहुत पहले ही एक मानवीय संगठन होना बंद कर चुका है।

इजराइल और यूएनआरडब्ल्यूए के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इजराइल ने एजेंसी पर हमास की सहायता करने का आरोप लगाते हुए इसे पूरी तरह से भंग करने की मांग की है, जिसे एजेंसी ने बार-बार नकारा है। 2024 के अंत में, इजरायली संसद ने यूएनआरडब्ल्यूए के संचालन पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून पारित किए थे। इसके बाद दिसंबर 2025 में पारित विधायी संशोधनों ने इन परिसरों की बिजली-पानी काटने और भूमि को वापस लेने का अधिकार दिया।

कट्टरपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर, जो स्वयं इस विध्वंस कार्य की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचे थे, ने इसे शासन की बहाली के लिए एक ऐतिहासिक और उत्सव का दिन बताया। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस कार्रवाई की निंदा की और इजराइल से इसे तुरंत रोकने और परिसर को वापस संयुक्त राष्ट्र को सौंपने का आग्रह किया है।