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शीतकाल के अंतिम दौर पर फिर पलटी मारेगा मौसम

हिमालयी क्षेत्र में बारिश की भी उम्मीद जतायी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत और विशेषकर हिमालयी क्षेत्र के मौसम में इस सप्ताह व्यापक बदलाव आने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि एक के बाद एक, कुल तीन पश्चिमी विक्षोभ  सक्रिय हो रहे हैं, जो पहाड़ी राज्यों में मौसम के मिजाज को पूरी तरह बदल देंगे।

आईएमडी के अनुसार, पहला पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र में दस्तक दे चुका है। इसके तुरंत बाद, दो अन्य शक्तिशाली प्रणालियाँ कतार में हैं, जो अगले कुछ दिनों के भीतर उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवेश करेंगी। यह दुर्लभ स्थिति है जब एक ही सप्ताह के भीतर तीन मौसम प्रणालियाँ सक्रिय हो रही हैं। इनके संयुक्त प्रभाव के कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में मध्यम वर्षा की प्रबल संभावना है।

इन विक्षोभों का असर केवल पहाड़ों तक सीमित नहीं रहेगा। विभाग का अनुमान है कि जब ये प्रणालियाँ सक्रिय होंगी, तो उनके प्रभाव से प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनेगा। इसके कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और छिटपुट वर्षा या बूंदाबांदी हो सकती है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि विक्षोभ के सक्रिय होने के दौरान न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी देखी जा सकती है, क्योंकि बादलों की चादर धरती की गर्मी को बाहर नहीं निकलने देती। हालांकि, जैसे ही ये विक्षोभ गुजरेंगे और आसमान साफ होगा, पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों में ठिठुरन और कनकनी बढ़ा देंगी। इससे आने वाले दिनों में शीतलहर की स्थिति दोबारा बन सकती है।

प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भारी बर्फबारी के कारण प्रमुख राजमार्गों के बंद होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। आईएमडी ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने से पहले मौसम के ताज़ा अपडेट और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें।