यदाद्रि भुवनगिरी के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल
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कई को मार कर खा गया यह बाघ
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पंजों के निशान से उसकी पहचान हुई
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विभागीय कैमरों में भी कैद हुआ है वह
राष्ट्रीय खबर
हैदराबादः तेलंगाना के यदाद्रि भुवनगिरी जिले के तुर्कापल्ली और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बाघ ने पालतू मवेशियों पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रविवार तड़के बाघ ने रिहायशी इलाके के पास चर रहे मवेशियों को अपना निशाना बनाया। सुबह जब ग्रामीणों ने मवेशियों के अवशेष और हमले के निशान देखे, तो तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। तुर्कापल्ली मंडल के गांवों में रहने वाले किसान और पशुपालक अब अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर गहरे संकट में हैं। यह क्षेत्र खेती और पशुपालन पर निर्भर है, इसलिए बाघ की मौजूदगी ने लोगों की आजीविका पर भी सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने क्षेत्र का गहन मुआयना किया और मवेशियों पर हुए हमले के पैटर्न की जांच की। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह हमला वास्तव में एक बाघ द्वारा ही किया गया है। पुष्टि के लिए विभाग ने दो प्रमुख साक्ष्यों का सहारा लिया। घटनास्थल और आस-पास के खेतों में बाघ के पंजों के स्पष्ट निशान पाए गए हैं। क्षेत्र में पहले से लगाए गए और हाल ही में सक्रिय किए गए कैमरा ट्रैप्स में बाघ की हलचल कैद हुई है, जिससे उसकी मौजूदगी पर मुहर लग गई है।
बाघ की सक्रियता को देखते हुए वन विभाग ने एडवाइजरी जारी कर ग्रामीणों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने अपील की है कि लोग अकेले जंगल या सुनसान खेतों की ओर न जाएं। सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले घर से बाहर निकलने से बचें। अपने मवेशियों को सुरक्षित बाड़ों में रखें और उन्हें खुले में चरने के लिए न छोड़ें। वन विभाग की टीमें वर्तमान में बाघ की निगरानी कर रही हैं ताकि उसे आबादी वाले क्षेत्र से दूर खदेड़ा जा सके या सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया जा सके। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अधिकारियों को सूचित करने का आग्रह किया है।