Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Muslim Personal Law: शरिया कानून के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को नो... Bihar Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana: अब किश्तों में मिलेंगे 2 लाख रुपये, जानें क्या हैं नई शर्ते... Gurugram News: गुरुग्राम जा रही बैंककर्मी महिला की संदिग्ध मौत, 5 महीने पहले हुई थी शादी; पति ने पुल... Bajrang Punia News: बजरंग पूनिया ने हरियाणा सरकार को घेरा, बोले- घोषणा के बाद भी नहीं बना स्टेडियम Sohna-Tawru Rally: विकसित सोहना-तावडू महारैली में धर्मेंद्र तंवर ने किया मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत Haryana Crime: महिला बैंककर्मी की हत्या का खुलासा, पति ही निकला कातिल, शक के चलते दी दर्दनाक मौत Faridabad News: फरीदाबाद में DTP का भारी एक्शन, अवैध बैंक्विट हॉल और गेम जोन पर चला 'पीला पंजा' Faridabad News: फरीदाबाद की केमिकल फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 48 से ज्यादा लोग झुलसे Punjab Drug Menace: सरेआम चिट्टे का खेल! इंजेक्शन लगाते युवकों का वीडियो वायरल, दावों की खुली पोल Fake Policeman Arrested: पुलिस की वर्दी पहनकर वसूली करने वाला 'फर्जी पुलिसकर्मी' गिरफ्तार

शिंदे ने अपने लिए मांगा पहले मेयर का पद

बीएमसी चुनाव में सफलता के बाद अब कुर्सी की लड़ाई

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 के नतीजों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति गठबंधन के भीतर सत्ता के बंटवारे को लेकर रस्साकशी तेज हो गई है। शनिवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी के नवनिर्वाचित पार्षदों का अभिनंदन किया, लेकिन इस उत्सव के पीछे गठबंधन सहयोगी भाजपा के साथ मोलभाव की एक गहरी रणनीति भी दिखाई दी।

नवनिर्वाचित 29 पार्षदों को एक साथ रखने के लिए शिंदे गुट ने बांद्रा के एक लग्जरी होटल में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया है। पार्षद अमेय घोले के अनुसार, इस कार्यशाला में उपमुख्यमंत्री शिंदे स्वयं पार्षदों को शहर के विकास योजना, चुनावी घोषणापत्र के कार्यान्वयन और अगले पांच वर्षों के रोडमैप के बारे में मार्गदर्शन देंगे। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इसे होटल पॉलिटिक्स के रूप में देखा जा रहा है ताकि गठबंधन वार्ता के दौरान पार्षदों को एकजुट रखा जा सके।

शिवसेना (शिंदे गुट) के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे मुंबई के मेयर पद के लिए ढाई साल के कार्यकाल की मांग करेंगे। उनकी योजना के अनुसार पहले 2.5 साल शिवसेना का मेयर होना चाहिए। भाजपा अगले 2.5 साल के लिए अपना मेयर चुन सकती है।

पार्टी का तर्क है कि चूंकि भाजपा अकेले दम पर बहुमत का आंकड़ा (114) पार नहीं कर पाई है (भाजपा ने 89 सीटें जीती हैं), इसलिए उसे सत्ता साझा करनी ही होगी। शिवसेना का कहना है कि 2:1 के अनुपात के आधार पर स्टैंडिंग कमेटी और इंप्रूवमेंट कमेटी जैसे महत्वपूर्ण पदों का भी बंटवारा होना चाहिए।

इस चुनाव ने मुंबई में ठाकरे परिवार के करीब तीन दशकों के वर्चस्व को समाप्त कर दिया है। भाजपा-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन ने कुल 118 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है। जहां भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, वहीं शिंदे गुट की 29 सीटें सत्ता की चाबी बन गई हैं। कार्यशाला के दौरान केवल बीएमसी के कामकाज पर ही नहीं, बल्कि आगामी जिला परिषद चुनावों की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी। एकनाथ शिंदे का लक्ष्य अपने पार्षदों को वार्ड स्तर पर प्रभावी शासन के गुर सिखाना है ताकि वे जनता के विश्वास पर खरे उतर सकें।