Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Hyderabad Fire Tragedy: हैदराबाद फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, बेसमेंट में जिंदा जले 5 लोग, 22 घंटे बाद... अकील अख्तर ने थामा पतंग का साथ! झारखंड में AIMIM का बड़ा दांव, पाकुड़ की राजनीति में मचेगी हलचल मिर्जापुर जिम धर्मांतरण मामला: कोर्ट ने आरोपी इमरान को भेजा जेल, 14 दिन की जुडिशियल रिमांड पर फैसला Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत ... MBMC Election Results 2026: मीरा भयंदर में बीजेपी का दबदबा, लेकिन मेयर की कुर्सी के लिए विपक्षी एकजु... देश की नौकरशाही पर लगाम कसने की नई चाल Suicide Case: पिता ने टोकना तो नाराज हुआ बेटा, ऑटो के अंदर फंदा लगाकर दी जान; परिजनों का रो-रोकर बुर... शंकराचार्य मुद्दे पर योगी और केशव मौर्य की तल्खी Gwalior Crime: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगने वाली दुल्हन समेत 7... तेजस्वी यादव राजद के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त

मारिया कोरिना मचाडो ने डोनाल्ड ट्रम्प को नोबेल पुरस्कार भेंट किया

नोबल पाना एक सराहनीय कदम रहाः ट्रंप

वाशिंगटनः वाशिंगटन डीसी से एक अभूतपूर्व राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है, जहाँ वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से व्हाइट हाउस में मुलाकात की। इस मुलाकात की सबसे चर्चा का विषय मचाडो द्वारा राष्ट्रपति ट्रम्प को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट करना रहा। मचाडो ने इस कदम को ट्रम्प द्वारा वेनेजुएला की स्वतंत्रता के प्रति उनकी अद्वितीय प्रतिबद्धता के सम्मान के रूप में परिभाषित किया।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस भेंट की सराहना करते हुए इसे पारस्परिक सम्मान का एक अद्भुत संकेत बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर मचाडो की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक साहसी महिला बताया, जो बहुत कठिन दौर से गुजरी हैं। हालांकि, ओस्लो स्थित नोबेल संस्थान ने इस पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि नोबेल पुरस्कार एक व्यक्तिगत सम्मान है और इसे किसी अन्य व्यक्ति को आधिकारिक रूप से हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। इस लिहाज से मचाडो का यह कदम कानूनी से ज्यादा प्रतीकात्मक माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मचाडो का यह कदम एक सोची-समझी कूटनीतिक रणनीति है। दरअसल, हाल के हफ्तों में डोनाल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला के मौजूदा शासन के खिलाफ मचाडो के नेतृत्व वाले लोकतांत्रिक आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने से पीछे हटने के संकेत दिए थे। ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से संशय व्यक्त किया था कि क्या मचाडो के पास देश के भीतर पर्याप्त समर्थन है। इतना ही नहीं, ट्रम्प ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति और निकोलस मादुरो की करीबी सहयोगी डेल्सी रोड्रिगेज के साथ काम करने की इच्छा भी जताई थी। इन घटनाक्रमों ने मचाडो की अंतरराष्ट्रीय स्थिति को कमजोर कर दिया था।

मचाडो को उम्मीद है कि पदक भेंट करने के इस भावनात्मक और सम्मानजनक कदम से वे ट्रम्प का दिल जीतने और वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली के लिए फिर से अमेरिकी समर्थन हासिल करने में सफल रहेंगी। व्हाइट हाउस से निकलने के बाद मचाडो ने अपने समर्थकों को आश्वस्त किया कि वे राष्ट्रपति ट्रम्प पर भरोसा कर सकते हैं, हालांकि उन्होंने भविष्य की योजनाओं पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। फिलहाल, यह पदक ट्रम्प के पास ही रहेगा, जिसे रखने की पुष्टि व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह प्रतीकात्मक उपहार वेनेजुएला के प्रति अमेरिकी विदेश नीति में कोई बड़ा बदलाव ला पाता है या नहीं।