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म्यांमार सीमा पर अपराधी तत्व दोबारा सक्रिय हुए

बाड़ की सुरक्षा को फिर से तोड़ा गया

  • कुछ दिन पहले भी बाड़ तोड़ा गया था

  • फ्री मुवमेंट पर सरकार ने रोक लगायी

  • इलाके में अवैध घुसपैठ की घटनाएं

उत्तर पूर्व संवाददाता

गुवाहाटीः भारत और म्यांमार के बीच की सीमा एक बार फिर सुर्खियों में है, क्योंकि अज्ञात उपद्रवियों ने सीमा पर लगी बाड़ को कई जगहों से काट दिया है। यह घटना न केवल सीमा सुरक्षा बल  और असम राइफल्स की सतर्कता पर सवाल उठाती है, बल्कि क्षेत्र में बढ़ती घुसपैठ और तस्करी की चिंताओं को भी गहरा देती है। पूर्वोत्तर राज्यों, विशेष रूप से मणिपुर और मिजोरम के साथ लगने वाली यह सीमा भौगोलिक रूप से अत्यंत दुर्गम है, जिसका फायदा उठाकर असामाजिक तत्व अक्सर ऐसी वारदातों को अंजाम देते हैं।

हाल के महीनों में म्यांमार में जारी नागरिक युद्ध और अस्थिरता के कारण सीमा पार से अवैध शरणार्थियों और उग्रवादियों का प्रवेश बढ़ा है। बाड़ को काटना इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है ताकि अवैध आवाजाही के लिए रास्ते बनाए जा सकें। सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है। हालांकि, स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि केवल बाड़ लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीक और ड्रोन निगरानी के जरिए इसे और अधिक पुख्ता करने की आवश्यकता है।

इस घटना ने सीमा प्रबंधन की उन कमियों को उजागर किया है जिनसे सरकार लंबे समय से निपटने की कोशिश कर रही है। सीमा बाड़ का बार-बार काटा जाना यह संकेत देता है कि वहां सक्रिय सिंडिकेट और उग्रवादी गुट अभी भी मजबूत हैं। भारत सरकार ने पहले ही फ्री मूवमेंट रेजीम को समाप्त करने का निर्णय लिया है ताकि सीमा को पूरी तरह सील किया जा सके, लेकिन इस तरह की तोड़फोड़ उन प्रयासों के लिए बड़ी चुनौती है। सुरक्षा बलों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती न केवल बाड़ की मरम्मत करना है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार करना है।