Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Update: बंगाल के युवाओं और किसानों की चांदी! ममता सरकार देगी हर महीने भत्ता, जानें कैसे ... Jaipur Mystery: जयपुर में गायब हुए 2 जापानी टूरिस्ट; रेस्टोरेंट से हुए लापता और सीधे पहुँच गए जापान,... Rail Safety Crisis: ट्रेन में यात्री भगवान भरोसे! वेंडरों ने बेरहमी से पीट-पीटकर यात्री को किया अधमर... Assam Voter List: असम की फाइनल वोटर लिस्ट जारी; ड्राफ्ट सूची से 2.43 लाख नाम बाहर, अब 2.49 करोड़ मतद... Cyber Fraud Update: साइबर ठगों की अब खैर नहीं! CBI और I4C का चलेगा 'हंटर', अमित शाह ने दी देश के दुश... Delhi Govt Scheme: दिल्ली की बेटियों के लिए खुशखबरी! 'लखपति बिटिया' योजना का आगाज, अब लाडली की जगह म... Exam Special: ड्रोन कैमरे का कमाल! 12वीं के बोर्ड पेपर में दीवार फांदकर नकल कराते दिखे अभिभावक, कैमर... Peeragarhi Mystery: काला जादू या सोची-समझी साजिश? पीरागढ़ी केस में 'तांत्रिक' कनेक्शन से हड़कंप, कार... Budget 2026: लोकसभा में बजट पर बहस का आगाज़! राहुल और नरवणे की किताब पर विवाद के बीच विपक्ष ने सरकार... Delhi Crime: दिल्ली में खेल-खेल में मची चीख-पुकार! 18 साल के बेटे से गलती से चली गोली, मां की मौके प...

उद्धव ठाकरे ने कहा लोकतंत्र की हत्या

महाराष्ट्र निकाय चुनाव में विपक्ष के गंभीर आरोप

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर तीखा टकराव देखने को मिल रहा है। शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में चल रहे नगर निकाय चुनावों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का दावा किया और इसे सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या करार दिया। ठाकरे ने इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए राज्य चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को कटघरे में खड़ा किया।

उद्धव ठाकरे ने सीधे तौर पर राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे को निशाना बनाया और उनके तत्काल निलंबन की मांग की। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग को एक असंवैधानिक संस्था की तरह काम करने वाली इकाई बताते हुए सवाल पूछा कि आखिर चुनाव आयोग किसके लिए काम कर रहा है? ठाकरे का मुख्य आरोप यह है कि वर्तमान सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने पिछले कुछ समय में कोई ठोस काम नहीं किया है, इसलिए अब वे अपनी हार को टालने के लिए सरकारी तंत्र और प्रशासनिक अधिकारियों का दुरुपयोग कर रहे हैं।

मतदाता सूची में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए ठाकरे ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और उनके सहयोगी दलों ने सुनिश्चित किया है कि सूची में बड़ी संख्या में फर्जी मतदाता शामिल किए जाएं। उन्होंने मतदान केंद्रों पर होने वाली व्यावहारिक समस्याओं का विवरण देते हुए कहा कि कई जगहों पर मतदाताओं की पहचान पूरी तरह से भ्रमित कर दी गई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, ठाणे जैसे प्रमुख क्षेत्र में मतदाताओं का मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं है। तकनीकी विसंगतियां इतनी ज्यादा हैं कि महिलाओं के नंबरों पर पुरुषों के नाम प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

इसके अलावा, ठाकरे ने मुंबई महानगर क्षेत्र के एक निर्वाचन क्षेत्र का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के एजेंट अपनी जेबों पर भाजपा उम्मीदवारों के नाम और प्रतीक लगाकर घूम रहे थे ताकि मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की इसी तरह की कार्यप्रणाली के कारण प्रधानमंत्री मोदी एक राष्ट्र, एक चुनाव की वकालत करते हैं। उद्धव ठाकरे ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव आयोग और सरकार के बीच की यह सांठगांठ नहीं रुकी, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।