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जयपुर में गूंजी भारतीय सेना की हुंकार: आर्मी डे परेड में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पराक्रम से थर्राया दुश्मन

राजस्थान की राजधानी जयपुर ने आज यानी गुरुवार को भारतीय सेना की शक्ति, शौर्य और स्वदेशी सैन्य क्षमता का भव्य नजारा देखा. पहली बार आर्मी डे परेड 26 जनवरी की गणतंत्र दिवस परेड की तर्ज पर सड़कों पर आयोजित की गई, जिसमें इंडियन आर्मी का दम, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और उसकी मारक क्षमता को पूरे देश के सामने प्रदर्शित किया गया.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने जिस तरह दुश्मन के मंसूबों को नाकाम किया, उसकी झलक आज जयपुर की सड़कों पर साफ नजर आई. परेड में ऑपरेशन सिंदूर में निर्णायक भूमिका निभाने वाले सैनिकों, हथियारों और नई यूनिटों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया.

पहली बार दिखीं नई यूनिटें और घातक हथियार

आर्मी डे परेड में भैरव बटालियन ने पहली बार मार्च पास्ट किया. इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के बाद गठित शक्तिबाण और दिव्यास्त्र यूनिट भी परेड का हिस्सा बनीं. परेड में आर्टी रेजिमेंट, लाइट इन्फैंट्री, मद्रास रेजिमेंट, नेपाल आर्मी बैंड, कैलवेरी कॉन्टिनजेंट घोड़ों के साथ, मिक्सड स्काउट्स, राजपूत रेजिमेंट और NCC कैडेट्स ने कदमताल किया.

परेड के दौरान पहली बार लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर प्रचंड और अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर ने आसमान में उड़ान भरी. इनके साथ रूद्र और चेतक हेलिकॉप्टर भी फ्लाई-पास्ट का हिस्सा रहे. T-90 भीष्म टैंक, MBT अर्जुन, BMP-2, स्मर्च लॉन्ग रेंज रॉकेट सिस्टम, ग्रैड मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, K-9 वज्र, धनुष और M-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर जयपुर की सड़कों पर नजर आए.

एयर डिफेंस और नई तकनीक का प्रदर्शन

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी हमलों को नाकाम करने वाले एयर डिफेंस सिस्टम भी परेड में शामिल रहे. इसमें MRSAM, आकाश मिसाइल सिस्टम और शिल्का एयर डिफेंस सिस्टम ने भारतीय सुरक्षा कवच की मजबूती दिखाई. इसके अलावा काउंटर-UAS सिस्टम, रोबोटिक म्यूल और सेना के K-9 दस्ते में शामिल देसी और विदेशी डॉग्स के विशेष दस्ते भी आकर्षण का केंद्र बने.

तीनों सेनाओं की एकजुट शक्ति

इस भव्य परेड में भारतीय थलसेना के साथ-साथ वायुसेना और नौसेना के कंपोनेंट भी शामिल हुए, जिसने त्रि-सेवा समन्वय और संयुक्त युद्ध क्षमता का संदेश दिया.मार्चिंग दस्तों के साथ सेना का बैंड कंटिंजेंट स्वदेशी धुनों पर मार्च करता नजर आया. इस बार भी नेपाल आर्मी का बैंड दस्ता परेड में शामिल रहा, जो सैन्य मित्रता का प्रतीक बना.

वीरता का सम्मान

ऑपरेशन सिंदूर में अदम्य साहस दिखाने वाले वीर चक्र से सम्मानित सैनिक पहली बार आर्मी डे परेड में नजर आए. इनके साथ परमवीर चक्र और अशोक चक्र विजेता भी शामिल हुए, जिन्हें देख दर्शकों ने तालियों से सम्मान दिया.

दिल्ली से बाहर, जनता के बीच सेना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव के अनुरूप सेना से जुड़े बड़े आयोजनों को दिल्ली से बाहर आयोजित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार आर्मी डे जयपुर में मनाया गया. आयोजन की जिम्मेदारी साउथ वेस्टर्न कमांड के पास थी. इससे पहले बेंगलुरु, लखनऊ और पुणे में भी सेना दिवस मनाया जा चुका है.

जयपुर के महल रोड पर आयोजित इस परेड में करीब 25 हजार दर्शकों के लिए तीन-स्तरीय विशेष बैठने की व्यवस्था की गई थी. करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी परेड ने जयपुर को सेना के शौर्य और गर्व के रंग में रंग दिया. आर्मी डे 2026 ने यह संदेश साफ कर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की निर्णायक शक्ति, तकनीकी आत्मनिर्भरता और अटूट संकल्प का प्रतीक है.