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मणिपुर में हथियारों का जखीरा बरामद हुआ

असम में राजनीतिक और ढांचागत विकास गतिविधियां तेज

  • सैन्य ग्रेड के हथियार जब्त किये गये

  • नरेंद्र मोदी का दौरा 18 जनवरी को

  • हिमंता ने हिंदू पीएम का दावा किया

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा और राजनीति के लिहाज से पिछला सप्ताह अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। एक ओर जहां मणिपुर में सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया, वहीं असम में राजनीतिक और ढांचागत विकास की गतिविधियों में तेजी आई है। भारतीय सेना, असम राइफल्स, सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के एक संयुक्त अभियान में पिछले 48 घंटों के दौरान मणिपुर के चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों से भारी मात्रा में सैन्य-ग्रेड हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए।

जब्त किए गए सामान में एके-47 राइफल, इम्प्रोवाइज्ड मोर्टार, हैंड ग्रेनेड, आईईडी और रॉकेट शामिल हैं। सुरक्षा बलों ने मणिपुर घाटी से दो सक्रिय उग्रवादियों (पीआरईपीएके और केवाईकेएल-एस के कैडर) को भी गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से उग्रवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 2024 के स्वतंत्रता दिवस पर बम धमाकों की साजिश के मामले में दो और आरोपियों, भार्गब गोगोई और सुमू गोगोई के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। इन पर प्रतिबंधित संगठन उल्फा(आई) को वित्तीय सहायता देने का आरोप है।

वहीं, आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर असम में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। नवनिर्मित सेंट्रल गुवाहाटी सीट को लेकर एनडीए के सहयोगियों—बीजेपी और एजीपी—के बीच खींचतान शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विश्वास जताया है कि गठबंधन 100 से अधिक सीटें जीतेगा। इस बीच, मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि संवैधानिक रूप से कोई भी पीएम बन सकता है, लेकिन भारत के सभ्यतागत चरित्र के कारण देश का प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जनवरी को असम की यात्रा करेंगे, जहां वे 6,957 करोड़ रुपये की लागत वाले काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखेंगे। 34.45 किमी लंबा यह कॉरिडोर काजीरंगा नेशनल पार्क के वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा। इसके साथ ही पीएम दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे।