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उत्तर कोरिया का दक्षिण कोरियाई ड्रोन गिराने का दावा

सिओल के खंडन के साथ ही उत्तर कोरिया ने सबूत पेश किये

सिओलः कोरियाई प्रायद्वीप, जो लंबे समय से भू-राजनीतिक अस्थिरता का केंद्र रहा है, एक बार फिर गंभीर तनाव की चपेट में है। इस ताजा विवाद की जड़ में वे ड्रोन (मानवरहित विमान) हैं, जिन्हें लेकर उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। उत्तर कोरिया के सैन्य नेतृत्व ने हाल ही में दावा किया कि उन्होंने रविवार को अपने हवाई क्षेत्र में घुसपैठ करने वाले एक दक्षिण कोरियाई ड्रोन को मार गिराया है। प्योंगयांग के अनुसार, इस अभियान में विशेष इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरणों का उपयोग किया गया था, जो बिना किसी भौतिक हमले के दुश्मन के उपकरणों को निष्क्रिय करने की क्षमता रखते हैं।

उत्तर कोरिया के आरोप और सामरिक चिंताएँ उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों और बयानों के अनुसार, बरामद किए गए ड्रोन में दो उच्च क्षमता वाले कैमरे लगे थे। दावा किया गया है कि यह ड्रोन उत्तर कोरिया के भीतर महत्वपूर्ण रणनीतिक और गुप्त क्षेत्रों की फोटोग्राफी कर रहा था। प्योंगयांग ने इसे अपनी संप्रभुता का अक्षम्य और अपमानजनक उल्लंघन करार दिया है। उत्तर कोरियाई जनरल स्टाफ ने एक कड़ा संदेश जारी करते हुए कहा है कि दक्षिण कोरिया के युद्धोन्मादी नेतृत्व को इन उकसावे वाली हरकतों के लिए भारी कीमत चुकानी होगी।

दक्षिण कोरिया का रुख और आंतरिक जांच दूसरी ओर, दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी किम होंग-चियोल ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय और स्थान पर उनकी सेना ने किसी भी प्रकार का ड्रोन ऑपरेशन नहीं चलाया था। हालांकि, सियोल ने एक वैकल्पिक संभावना की जांच शुरू कर दी है—क्या ये ड्रोन दक्षिण कोरियाई नागरिक समूहों या कार्यकर्ताओं द्वारा उड़ाए गए थे? अतीत में कई बार नागरिक समूह उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए गुब्बारों और छोटे ड्रोनों का उपयोग करते रहे हैं।

शांति प्रयासों को लगता झटका दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे मायुंग, जिन्होंने पिछले साल पदभार संभालने के बाद से उत्तर कोरिया के साथ संवाद के द्वार खोलने की नीति अपनाई थी, अब एक कठिन परिस्थिति में हैं। प्योंगयांग ने उनके शांति प्रस्तावों को न केवल ठुकरा दिया है, बल्कि किम जोंग उन ने आधिकारिक तौर पर दक्षिण कोरिया को अपना स्थायी मुख्य शत्रु घोषित कर दिया है। 2022 में भी उत्तर कोरियाई ड्रोनों ने सियोल के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की थी, जिससे दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई थी। वर्तमान घटनाक्रम और किम जोंग उन की दो-देश वाली नीति ने प्रायद्वीप में शांति की किसी भी तत्काल संभावना को पूरी तरह धूमिल कर दिया है।