Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
इंदौर में कलयुगी बेटी की करतूत: मां के खाते से उड़ाए मृत पिता के ₹80 लाख, कोर्ट के आदेश पर बेटी-दामा... वेस्टइंडीज का 26 साल पुराना सपना टूटा! Port of Spain टेस्ट में पाकिस्तान की धमाकेदार जीत, बाबर-शफीक ... राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें: शाहजहांपुर की दो संपत्तियां होंगी नीलाम, सेंट्रल बैंक का ₹16.61 करोड... पाकिस्तान में नेताओं के झूठे हलफनामे पर कसेगा शिकंजा: चुनाव आयोग बदलने जा रहा है 2017 के कड़े नियम केंद्र सरकार की 'गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम' में बड़े बदलाव की तैयारी, ज्वैलर्स को मिल सकता है 1% अतिरि... पीएम मोदी का पोस्ट डिलीट होने पर भड़की सरकार, मेटा चीफ जोएल कपलान ने अश्विनी वैष्णव से मिलकर मांगी म... सावन कांवड़ यात्रा: गलती से कांवड़ जमीन पर गिर जाए या टूट जाए तो डरें नहीं, करें ये अचूक उपाय बालों के झड़ने के पीछे कहीं प्रोटीन की कमी तो नहीं? जानें शरीर में दिखने वाले 5 संकेत और घरेलू उपाय मुजफ्फरनगर: दृष्टिहीन सत्येंद्र की अटूट शिवभक्ति! बिना किसी साथी के लाठी के सहारे 3 दिन में तय किया ... बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर मायावती ने जताया गहरा शोक, बताया पार्टी का वफादार स्त...

एक विनम्र सिख के रूप में श्री अकाल तख़्त के समक्ष उपस्थित होऊँगा—मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे श्री अकाल तख़्त साहिब के समक्ष मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक विनम्र सिख के रूप में उपस्थित होंगे।

‘एक्स’ पर की गई एक पोस्ट में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री अकाल तख़्त साहिब प्रत्येक सिख के लिए पावन स्थान है और तख़्त साहिब को सिखों का सर्वोच्च धार्मिक अस्थान माना जाता है। उन्होंने कहा, “श्री अकाल तख़्त साहिब जी से आया हुआ हुक्म मेरे लिए सिर-माथे है, जिसे पूर्ण सम्मान के साथ स्वीकार करते हुए उसका पालन करूँगा। मैं मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक विनम्र सिख के रूप में नंगे पाँव चलकर श्री अकाल तख़्त साहिब के समक्ष हाज़िर होऊँगा।”

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही 15 जनवरी को देश के राष्ट्रपति श्री गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में एक सम्मेलन में भाग लेने आ रहे हों, फिर भी वे हर हाल में श्री अकाल तख़्त साहिब के समक्ष उपस्थित होंगे। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख़्त साहिब सर्वोच्च है और पावन तख़्त साहिब से आया हुआ हुक्म सिर-माथे स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा, “श्री अकाल तख़्त साहिब जी से आया हुआ हुक्म मेरे और मेरे परिवार के लिए सदैव सर्वोच्च था, है और रहेगा।”