गुजरात में ईडी की कार्रवाई से सहमे अफसर
राष्ट्रीय खबर
अहमदाबादः प्रवर्तन निदेशालय ने गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के पूर्व कलेक्टर और 2015 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार पटेल को रिश्वतखोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करती है, जिसमें जमीन के उपयोग में बदलाव के बदले करोड़ों रुपये की रिश्वत का लेन-देन किया जा रहा था। पटेल इस मामले में गिरफ्तार होने वाले दूसरे बड़े अधिकारी हैं। इससे पहले ईडी ने इसी कार्यालय के डिप्टी मामलतदार चंद्रसिंह मोरी को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से 67.5 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे।
जांच में यह बात सामने आई है कि सुरेंद्रनगर कलेक्ट्रेट में भ्रष्टाचार का एक संगठित ढांचा चल रहा था। डिप्टी मामलतदार मोरी कथित तौर पर आवेदकों से काम को तेजी से निपटाने के लिए स्पीड मनी के रूप में रिश्वत वसूलता था। ईडी के अनुसार, रिश्वत की राशि जमीन के प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से तय की जाती थी। जांचकर्ताओं का आरोप है कि कुल रिश्वत की राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा सीधे तत्कालीन कलेक्टर राजेंद्र कुमार पटेल को जाता था, जबकि बाकी हिस्सा अन्य अधिकारियों के बीच बांटा जाता था। पटेल के निजी सहायक के भी इस वसूली में शामिल होने के सबूत मिले हैं।
अदालत में पेशी के दौरान ईडी ने बताया कि अब तक की जांच में करीब 10 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के सुराग मिले हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी पटेल और उनके सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी नियमित फाइलों को जानबूझकर रोक देते थे और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग करते थे। यह गिरफ्तारी गुजरात के प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ा संदेश है कि भ्रष्टाचार के मामलों में वरिष्ठता के बावजूद कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। ईडी अब उन संपत्तियों की पहचान कर रही है जो इस काले धन के जरिए खरीदी गई हैं।