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आईटी मंत्रालय ने अब एक्स को दोबारा फटकार लगायी

महिलाओं की अश्लील तस्वीरों पर कार्रवाई करें

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) को अपने एआई चैटबॉट ग्रोक की कार्यप्रणाली की व्यापक तकनीकी और कानूनी समीक्षा करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद की गई है जिनमें आरोप लगाया गया था कि ग्रोक चैटबॉट का उपयोग महिलाओं की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें अश्लील बनाने के लिए किया जा रहा है। शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मुद्दे पर आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर चिंता जताई थी, जिसके बाद मंत्रालय ने तत्काल संज्ञान लिया।

आईटी मंत्रालय ने एक्स के मुख्य अनुपालन अधिकारी को भेजे चार पन्नों के पत्र में स्पष्ट किया कि यह देखा गया है कि उपयोगकर्ता ग्रोक का दुरुपयोग कर महिलाओं की आपत्तिजनक और अश्लील छवियां या वीडियो बना रहे हैं। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि आईटी अधिनियम और आईटी नियम-2021 का पालन करना वैकल्पिक नहीं है। यदि प्लेटफॉर्म इस तरह की सामग्री को तुरंत हटाने और तकनीकी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने में विफल रहता है, तो उसे सेफ हार्बर सुरक्षा से हाथ धोना पड़ सकता है, जिसका अर्थ है कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद सामग्री के लिए कंपनी सीधे तौर पर उत्तरदायी होगी।

मंत्रालय ने एक्स को निर्देश दिया है कि वह आगामी सोमवार (5 जनवरी, 2026) तक इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपे। आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद सामग्री की जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री को रोकने के लिए और भी सख्त कानून लाए जा सकते हैं। एलन मस्क के स्वामित्व वाला ग्रोक अपनी बिना फिल्टर वाली प्रतिक्रियाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन अब भारतीय कानूनों के तहत उसे अपनी सुरक्षा प्रणालियों को कड़ा करना होगा ताकि महिलाओं की गरिमा और डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।