Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
यह मिश्र धातु स्टील से दस गुणा मजबूत पर लचीली है, देखें वीडियो बढ़ती एलपीजी कीमतों के बीच लोकप्रिय हुआ 5 किलो का 'छोटू' सिलेंडर, बिना पक्के एड्रेस प्रूफ के मिलेगा ... गूगल अर्थ का नया AI फीचर 1 दिन में ही वापस! फेक सैटेलाइट तस्वीरों और विवाद के बाद गूगल का बड़ा फैसला अमरनाथ से भी कठिन श्रीखंड महादेव यात्रा 2026 अगले आदेश तक स्थगित: खराब मौसम के कारण प्रशासन का बड़ा ... चाय के साथ खाएं मखाने से बने ये 4 टेस्टी और हेल्दी स्नैक्स: स्वाद में नंबर 1, सेहत के लिए फायदेमंद मध्य प्रदेश में नापतौल की ठगी पर नकेल कसने की तैयारी, घटतौली और पेट्रोल चोरी पर लगेगा 1 लाख का जुर्म... मंदसौर में खेतों के बीच चल रही थी MD ड्रग्स की फैक्ट्री: पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर भागे तस्कर, 3... मुरैना में अवैध पत्थर मंडी पर पुलिस का बड़ा शिकंजा: 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, भगदड़ में पलटी ट्रॉलियां... अफ्रीकी चूहा मगावा की सात फीट ऊंची प्रतिमा लगायी, देखें वीडियो बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा...

भारत को अपनी रक्षा का पूर्ण अधिकार हैः एस जयशंकर

आतंकवाद और खराब पड़ोसियों के खिलाफ विदेश मंत्री का बयान

  • आईआईटी मद्रास में दिया ऐसा बयान

  • इस मामले में बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं

  • आतंकवाद और सहयोग साथ साथ नहीं चलेंगे

राष्ट्रीय खबर

चेन्नई: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच से पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीतियों पर तीखा प्रहार किया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत के पास एक ऐसा बुरा पड़ोसी है, जिसने आतंकवाद को अपनी राजकीय नीति बना लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने का पूर्ण संप्रभु अधिकार है और नई दिल्ली इस मामले में किसी भी बाहरी देश की सलाह को स्वीकार नहीं करेगी।

विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में भारत की रक्षात्मक रणनीति को परिभाषित करते हुए कहा कि जब कोई देश जानबूझकर और बिना किसी पछतावे के आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो भारत मूकदर्शक नहीं बना रह सकता। उन्होंने कहा, हम अपनी रक्षा के लिए उस अधिकार का प्रयोग कैसे करेंगे, यह पूरी तरह हम पर निर्भर है। कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं। जयशंकर का यह बयान वैश्विक शक्तियों के लिए एक सीधा संदेश था कि भारत अपनी सुरक्षा के फैसलों के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।

भाषण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वह था जहाँ जयशंकर ने सीमा पार आतंकवाद को द्विपक्षीय समझौतों, विशेष रूप से जल-साझाकरण व्यवस्था से जोड़ा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, आतंकवाद और सहयोग एक साथ नहीं चल सकते। आप हमसे यह उम्मीद नहीं कर सकते कि हम आपके साथ अपना पानी साझा करें और बदले में आप हमारे देश में आतंकवाद फैलाएं।

उन्होंने दशकों पुरानी सिंधु जल संधि का संदर्भ देते हुए संकेत दिया कि इस तरह की संधियाँ अच्छे पड़ोसी होने की पूर्व शर्त पर आधारित होती हैं। यदि कोई देश शत्रुतापूर्ण व्यवहार जारी रखता है, तो वह सद्भावना पर आधारित समझौतों के लाभ की उम्मीद नहीं कर सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अच्छे पड़ोसी संबंध नहीं हैं, तो उस सहयोग से मिलने वाले लाभ भी समाप्त हो जाएंगे।

भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही तनावपूर्ण रहे संबंधों में अप्रैल 2025 में तब भारी गिरावट आई, जब पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाया। इस नरसंहार के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े दंडात्मक कदम उठाए, जिनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करने जैसा ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय भी शामिल था। जयशंकर ने अपने भाषण में इसी कड़े रुख को दोहराते हुए कहा कि भारत अब आतंकवाद को अनदेखा करने की नीति त्याग चुका है और भविष्य की हर कार्रवाई भारत की अपनी शर्तों पर तय होगी।