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घुसपैठ पर प्रहार और विकास की नई राहः हिमंता बिस्वा सरमा

अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान और छात्रों के लिए बाबू योजना

  • बिना किसी नरमी के अभियान चलेगा

  • छात्रों के लिए मासिक वजीफा घोषित

  • पहचान और विकास का चुनावी एजेंडा

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने वर्ष 2026 के आगमन पर राज्य की सुरक्षा, पहचान और विकास को लेकर अपनी सरकार का विजन स्पष्ट किया है। गुवाहाटी में आयोजित एक प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि असम घुसपैठियों के लिए ब्रीडिंग ग्राउंड (प्रजनन स्थल) नहीं बनेगा। उन्होंने घोषणा की कि साल 2026 में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को वापस धकेलने (पुशबैक) की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। हाल ही में 18 घुसपैठियों को सीमा पार वापस भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विदेशी घोषित किए जा चुके लोगों के निष्कासन में अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और प्रशासन इस मामले में पूरी तरह निर्दयी होकर काम करेगा।

अपनी छवि पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए सरमा ने कहा कि वह किसी को यह विश्वास दिलाने के लिए बाध्य नहीं हैं कि वह मुस्लिम विरोधी नहीं हैं। उन्होंने तर्क दिया कि उनकी सरकार के फैसलों, जैसे बहुविवाह पर प्रतिबंध, ने मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाया है। उन्होंने आलोचकों को चुनौती दी कि वे असम आकर जमीनी हकीकत देखें कि कैसे उनकी सरकार गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पहचान की सुरक्षा और विकास को भाजपा के दो मुख्य स्तंभ बताया।

इसके साथ ही, शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री ने बाबू योजना की घोषणा की। 1 फरवरी से शुरू होने वाली इस योजना के तहत स्नातक स्तर के पुरुष छात्रों को 1,000 रुपये और स्नातकोत्तर स्तर के छात्रों को 2,000 रुपये का मासिक वजीफा दिया जाएगा। यह कदम उच्च शिक्षा में लड़कों की भागीदारी बढ़ाने के लिए उठाया गया है, हालांकि सरकारी कर्मचारियों के बच्चों और 4 लाख से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों को इससे बाहर रखा गया है।

उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु बाबू योजना के जरिए स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के लड़कों को क्रमशः 1,000 और 2,000 रुपये मासिक सहायता दी जाएगी, जिससे उनकी पढ़ाई का वित्तीय बोझ कम हो सके।

आगामी चुनाव में असम की स्वदेशी पहचान की रक्षा और निरंतर विकास भाजपा के मुख्य मुद्दे होंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, बिना पहचान की सुरक्षा के विकास का कोई अर्थ नहीं है।

दूसरी ओर, मणिपुर के काकचिंग जिले में 31 दिसंबर को सुरक्षा बलों ने एक खुफिया कार्रवाई के दौरान छह आग्नेयास्त्र और विस्फोटक और गोला-बारूद बरामद किया। पुलिस ने बताया कि बरामद हथियारों में एक एम-16 राइफल, एक एसएलआर, एक सिंगल बैरल गन, दो सिंगल बैरल बोल्ट एक्शन राइफल और एक 7.65 एमएम की पिस्तौल शामिल है। जब्त किए गए विस्फोटकों में 10 ग्रेनेड, चार डेटोनेटर, दो हाथ की अंगूठियां, लगभग 3 किलोग्राम वजन का एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), एक विस्फोटक खोल, 51 मिमी का मोर्टार बम, छह आंसू गैस के गोले और गोला-बारूद के 71 जिंदा राउंड शामिल थे।