Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal News: बंगाल में 1 जून से महिलाओं को मिलेंगे ₹3000, शुभेंदु सरकार का 'अन्नपूर्णा भंडार' प... पीएम मोदी का वडोदरा से संबोधन: 'वर्क फ्रॉम होम' अपनाएं और सोने की खरीदारी टालें, जानें क्या है वजह Mira Bhayandar News: काशीमीरा में शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने पर बवाल, सरनाईक और मेहता आमने-सामने BRICS Meeting Delhi: दिल्ली में जुटेगा BRICS, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर होगी चर्चा Rewa News: तिलक के दौरान दूल्हे के अफेयर का खुलासा, शादी से मना करने पर लड़की पक्ष को दौड़ा-दौड़कर प... Secunderabad News: बीटेक छात्र यवन की हत्या का खुलासा, लड़की के पिता-भाई समेत 10 आरोपी गिरफ्तार UP BJP Meeting Lucknow: 2027 चुनाव का रोडमैप तैयार करेगी BJP, लखनऊ में 98 जिलाध्यक्षों की बड़ी बैठक Katihar Crime News: कटिहार में मानवता शर्मसार, नाबालिगों को खूंटे से बांधकर पीटा, सिर मुंडवाकर जबरन ... Jamshedpur Triple Murder: जमशेदपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, पिता ने पत्नी और दो बच्चों को उतार... मानव को अंगों को उगाने में मदद करेगा

मोदी की तारीफ कर फिर ट्रंप ने टैरिफ लगाया

सौर ऊर्जा पर इस फैसले से बाजार में हलचल

  • भारत सहित कई देशों पर पंद्रह फीसद टैरिफ

  • भारतीय शेयर बाजार पर इसका असर दिखा

  • भारत सरकार के सब्सिडी का हवाला दिया

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः बुधवार को भारतीय सौर उपकरण निर्माताओं के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा भारत और अन्य एशियाई देशों से आयातित सोलर सेल और पैनलों पर प्रतिकारी शुल्क लगाने की योजना की घोषणा के बाद आई है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने घरेलू उत्पादकों को सहायता देने के उद्देश्य से भारत, इंडोनेशिया और लाओस से होने वाले आयात पर यह शुल्क लगाने का निर्णय लिया है।

अमेरिकी विभाग का तर्क है कि इन तीनों देशों के निर्माता अपनी सरकारों से भारी सब्सिडी प्राप्त कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी उत्पादकों को बाजार में प्रतिस्पर्धी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विभाग द्वारा जारी एक तथ्य पत्र के अनुसार, भारत से आयात पर सामान्य सब्सिडी दर 125.87 प्रतिशत आंकी गई है। इसी तरह, इंडोनेशिया के लिए यह दर 104.38 प्रतिशत और लाओस के लिए 80.67 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

इस घोषणा का भारतीय सौर क्षेत्र के शेयरों पर बहुत बुरा असर पड़ा। प्रमुख कंपनी वारी एनर्जीज के शेयरों में 15 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आई, हालांकि बाद में यह संभलकर लगभग 11 प्रतिशत के नुकसान पर बंद हुआ। यह इस शेयर की एक दिन में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। इसी तरह, प्रीमियर एनर्जीज और विक्रम सोलर (Vikram Solar) के शेयरों में भी क्रमशः 14.2 प्रतिशत और 7.8 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।

सरकारी व्यापार आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष इन तीनों देशों ने मिलकर 4.5 अरब डॉलर के सौर उत्पादों का निर्यात किया था, जो 2025 के कुल अनुमानित आयात का लगभग दो-तिहाई हिस्सा है। गौरतलब है कि पिछले साल मलेशिया, वियतनाम, थाईलैंड और कंबोडिया पर शुल्क लगाए जाने के बाद वहां से होने वाले निर्यात में भी भारी कमी आई थी।

यह फैसला अमेरिकी सौर निर्माताओं के एक समूह द्वारा दायर व्यापार मामले में आने वाले दो संभावित फैसलों में से पहला है। अगले महीने वाणिज्य विभाग यह तय करेगा कि क्या ये देश उत्पादन लागत से कम कीमत पर उत्पाद बेचकर डंपिंग कर रहे हैं, जिससे अतिरिक्त शुल्क का खतरा बढ़ सकता है।