ईरान और ओमान की वार्ता अंतिम चरण में पहुंची
तेहरानः ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग और पारगमन अधिकारों को लेकर चल रही बातचीत अपने अंतिम चरण में है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ईरना के अनुसार, विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने रविवार को कैबिनेट बैठक के दौरान इस प्रगति की जानकारी दी। यह कूटनीतिक वार्ता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण इस जलमार्ग के भविष्य को निर्धारित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य की वर्तमान स्थिति अब युद्ध-पूर्व जैसी नहीं रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखता है और किसी भी तरह की धमकी या दबाव में आकर अपने निर्णयों को नहीं बदलेगा। हालांकि, प्रवक्ता ने यह स्पष्ट किया कि ओमान के साथ नए शिपिंग मार्ग पर समझौता होने का यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दिया जाएगा या बंद कर दिया जाएगा।
यह घटनाक्रम जून के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच बनी एक रूपरेखा समझौते का हिस्सा है। इस समझौते के तहत तेहरान को होर्मुज के अन्य तटीय देशों के साथ समन्वय करते हुए ओमान के साथ एक स्थायी समझौता करना है, ताकि इस रणनीतिक जलमार्ग के प्रबंधन को सुव्यवस्थित किया जा सके। फिलहाल, इस संभावित समझौते के विस्तृत पहलुओं का खुलासा नहीं किया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल, गैस और उर्वरकों की वैश्विक आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग पर पारगमन अधिकारों को लेकर चल रहा विवाद अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य तनाव के मुख्य कारणों में से एक रहा है। इस वार्ता को क्षेत्र में स्थिरता लाने और तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह समझौता सफल होता है, तो यह मध्य-पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए है, क्योंकि इस मार्ग की सुरक्षा ही वैश्विक आर्थिक स्थिरता की कुंजी है।