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क्या ढाका भारत के खिलाफ युद्ध की योजना बना रहा

सीमा पर हो रही गतिविधियों पर सतर्क है भारतीय सेना

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः शेख हसीना के जाने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश और पाकिस्तान के रिश्तों में सुधार देखा जा रहा है, लेकिन भारत और म्यांमार के साथ उसके संबंधों में तनाव बढ़ता दिख रहा है। इसी सैन्य तनाव के बीच बांग्लादेश अपनी वायु सेना को मजबूत करने के लिए तुर्किये से सिरिट लेजर-निर्देशित मिसाइलें खरीदने की योजना बना रहा है। ये स्मार्ट मिसाइलें आधुनिक युद्ध के लिए बेहद सटीक मानी जाती हैं और इन्हें बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।

तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगान के लिए दक्षिण एशिया एक बड़ा रक्षा बाजार बनता जा रहा है। बांग्लादेश पहले ही तुर्किये से बायरक्तर टीबी-2 ड्रोन खरीद चुका है, जिनका उपयोग भारतीय सीमा की निगरानी के लिए किया जा रहा है। अब रोकेटसन कंपनी द्वारा निर्मित सिरिट मिसाइलों की खरीद की तैयारी है। ये मिसाइलें छोटे रॉकेटों और निर्देशित टैंक-रोधी मिसाइलों के बीच की कमी को पूरा करती हैं। इन्हें हमलावर हेलीकॉप्टरों और ड्रोनों पर आसानी से तैनात किया जा सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन मिसाइलों के जरिए बांग्लादेश की वायु सेना भारत के पास स्थित चटगाँव हिल ट्रैक्ट्स में विद्रोहियों या दुश्मन के ठिकानों को निशाना बना सकती है।

सिर्फ मिसाइलें ही नहीं, बांग्लादेश तुर्किये से छह टी-129 एटाक लड़ाकू हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए भी बातचीत कर रहा है। भविष्य में उसकी योजना चौथी पीढ़ी के यूरोफाइटर जेट हासिल करने की भी है। बांग्लादेश का यह सैन्य आधुनिकीकरण और पाकिस्तान के साथ उसकी बढ़ती निकटता दक्षिण एशिया के शक्ति संतुलन को प्रभावित कर रही है। भारतीय खुफिया एजेंसियां इन गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही हैं, क्योंकि सीमा पर हथियारों का यह जमावड़ा क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर सकता है।