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 हैदराबाद के मसाब टैंक में बना नया बुर्ज

ऐतिहासिक विरासत में पर्यटकों का नया आकर्षण बना

राष्ट्रीय खबर

हैदराबाद: निज़ामों के शहर हैदराबाद को अब एक नया ऐतिहासिक स्थल मिल गया है। मसाब टैंक इलाके में एक नए बुर्ज (वॉचटावर) का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, जिसका उद्घाटन जल्द ही किया जाएगा। इस बुर्ज को ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) के लिए डेक्कन टेरेन हेरिटेज द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है। इस निर्माण की खास बात यह है कि इसमें प्राचीन दक्कनी निर्माण तकनीकों को पुनर्जीवित किया गया है।

यह बुर्ज षट्कोणीय डिजाइन में बनाया गया है, जिसकी दीवारें आधार पर 10 फीट चौड़ी हैं और 20 फीट की ऊंचाई तक पहुँचते-पूँछते पतली हो जाती हैं। इसकी ऊपरी बनावट पब्लिक गार्डन और यूसुफ टेकरी के प्रवेश द्वारों से प्रेरित है। ऐतिहासिक रूप से बुर्ज का उपयोग किलों की सुरक्षा के लिए पहरेदारी और तोपें रखने के लिए किया जाता था, जैसा कि गोलकुंडा किले के 87 बुर्ज प्रसिद्ध हैं। इस नए बुर्ज के निर्माण में आधुनिक सीमेंट के बजाय शुद्ध चूने के गारे और संकुचित मिट्टी के ब्लॉकों का उपयोग किया गया है। छत को 14 फीट की ऊंचाई पर पारंपरिक मद्रास टेरेस पद्धति से बनाया गया है।

डेक्कन टेरेन हेरिटेज के मुख्य संरक्षक मीर खान ने बताया कि यह परियोजना हैदराबाद के 157 वर्षों के नगर निगम प्रशासन (1869-2025) की विरासत को समर्पित है। इसका उद्देश्य आधुनिक शहरी परिदृश्य में प्राचीन कला, शिल्प और दक्कन के पठार की वास्तुकला को एकीकृत करना है। मेहराबदार दरवाजे और खिड़कियां इस तरह बनाई गई हैं कि वहां प्राकृतिक हवा का संचार बना रहे और आगंतुकों को शहर का सुंदर दृश्य दिखाई दे। यह संरचना न केवल एक पर्यटन केंद्र बनेगी बल्कि भविष्य की पीढ़ी को हैदराबाद की वास्तुकला विरासत से भी परिचित कराएगी।