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एनसीसी के 132 कैडेट्स एयरलिफ्ट किये गये

मणिपुर मौजूदा सुरक्षा हालात के बीच अत्यंत गंभीर

  • मुख्यमंत्री ने हिंसा से बचने की अपील की

  • नार्को टेररिज्म के खिलाफ बाइक रैली

  • कुकी समुदाय की सुरक्षा को लेकर विवाद

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: सुरक्षा हालात और सड़क मार्ग पर लगी पाबंदियों के मद्देनजर, इंडियन एयर फ़ोर्स ने इंफाल में फंसे 132 एनसीसी कैडेट्स को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक आपातकालीन एयरलिफ्ट ऑपरेशन चलाया। ये कैडेट्स 11 मई से 23 मई, 2026 तक इंफाल में एनसीसी नॉर्थ ईस्टर्न रीजन फ्लाइंग कैंप में शामिल होने आए थे। खराब कानून-व्यवस्था के कारण वे सड़क मार्ग से लौटने में असमर्थ थे। वायुसेना ने 24 मई को तीन एएन-32 विमानों के जरिए विशेष अभियान चलाकर 60 कैडेट्स को जोरहाट (असम) और 72 कैडेट्स को गुवाहाटी पहुंचाया, जिससे वे समय पर अपनी परीक्षाओं में शामिल हो सकें।

मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में जारी जातीय तनाव और अशांति के बीच सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक विफलता और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं। उखरुल की कुकी सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन की वर्किंग कमिटी ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि वे उखरुल और कामजोंग जिलों में रहने वाले कुकी समुदाय की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकाम रही हैं। संगठन के अनुसार, बार-बार भेजे गए ज्ञापनों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से क्षेत्र में प्रशासनिक उपेक्षा की स्थिति बनी हुई है।

इस तनाव के बीच इंफाल वेस्ट जिले में तीन नए पुलों (अखम, सलाम और मकलंग ब्रिज) का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने हालिया हत्याओं और विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए जनता से बंद, नाकेबंदी (ब्लॉकेड) और हिंसा के रास्तों को छोड़ने की अपील की। दूसरी ओर, राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर नागरिक समाज का आक्रोश कम नहीं हो रहा है। इसके अलावा, इंडिजिनस पीपल्स फ्रंट ने बढ़ते नार्को-टेररिज्म के खिलाफ मणिपुर को नार्को टेररिज्म से बचाओ थीम के तहत एक विशाल बाइक रैली निकाली, जो सेकमाई से शुरू होकर इंफाल में समाप्त हुई। रैली के माध्यम से राज्य में सक्रिय नार्को-टेररिस्ट समूहों से आदिवासी समुदायों की रक्षा करने की मांग उठाई गई।