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आज नेता प्रतिपक्ष को जन्मदिन की बधाई दी

कभी मीडिया से बातचीत में कहा था कौन राहुल

  • कोटा की विशाल रैली से परेशानी

  • अमेरिकी मुद्दे पर भी लगातार हमला

  • स्टालिन ने भी बदल लिये अपने सुर

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: शुक्रवार, 19 जून 2026 को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपना 56वां जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक संक्षिप्त लेकिन औपचारिक संदेश पोस्ट कर उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने अपने संदेश में लिखा, लोकसभा में विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी जी को जन्मदिन की शुभकामनाएँ। उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करता हूँ।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह शुभकामना केवल एक शिष्टाचार मात्र नहीं, बल्कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य का संकेत भी है। एक समय था जब प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया के साथ अनौपचारिक बातचीत में राहुल गांधी के संदर्भ में कौन राहुल? जैसा प्रतिप्रश्न कर उनकी राजनीतिक प्रासंगिकता पर सवाल उठाए थे। हालाँकि, बीते कुछ वर्षों में स्थितियाँ पूरी तरह से बदल गई हैं। भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से राहुल गांधी ने जिस तरह जनता के बीच अपनी पैठ बनाई है और हाल ही में कोटा में आयोजित उनकी विशाल जनसभा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राहुल गांधी की राजनीतिक उपस्थिति अब नजरअंदाज करने योग्य नहीं रही है। माना जा रहा है कि युवाओं के बीच राहुल गांधी की बढ़ती स्वीकार्यता और उनके प्रति आकर्षण ने भाजपा खेमे में एक नई बेचैनी पैदा कर दी है।

दूसरी ओर, गठबंधन की राजनीति में भी बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। तमिलनाडु की राजनीति में पिछले कुछ समय से डीएमके और कांग्रेस के बीच तनाव की खबरें थीं। एक समय ऐसा भी आया था जब डीएमके के शीर्ष नेतृत्व और उनके कई नेताओं ने कांग्रेस को सार्वजनिक रूप से विश्वासघाती तक करार दे दिया था। लेकिन राहुल गांधी के जन्मदिन के मौके पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का बधाई संदेश इस बात का संकेत है कि दोनों दलों के बीच उपजी नाराजगी अब कम हो रही है।

स्टालिन ने अपने संदेश में बड़ी परिपक्वता दिखाते हुए लिखा, आप दृढ़ बने रहें और साहस के साथ नेतृत्व करते रहें। एक उज्ज्वल भारत की ओर हमारी यात्रा में, जीत हमारी ही होगी। पिछले वर्ष स्टालिन ने राहुल गांधी को आदर्शों में मेरा भाई बताया था, जो रक्त से नहीं बल्कि वैचारिक समानता और साझा दृष्टिकोण से बंधा है। स्टालिन का यह रुख साबित करता है कि विपक्षी गठबंधन में राहुल गांधी की केंद्रीय भूमिका फिर से मजबूत हो रही है। राजनीति में एक साल का समय बहुत बड़ा होता है, और 2025 से 2026 के बीच का यह सफर राहुल गांधी के लिए एक नए राजनीतिक उत्थान के रूप में दर्ज हो रहा है।