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मॉस्को पर यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला

पांच सौ से अधिक ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया

एजेंसियां

मॉस्कोः यूक्रेन ने गुरुवार, 18 जून 2026 को रूस की राजधानी मॉस्को पर युद्ध की शुरुआत के बाद से अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया। इस हमले ने मॉस्को के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों में से एक, गज़प्रॉम नेफ्ट संचालित तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गई।

रूसी अधिकारियों के अनुसार, केवल मॉस्को के आसपास लगभग 180 से 194 ड्रोन को मार गिराया गया, जबकि पूरे रूस में 24 घंटों के भीतर 550 से अधिक ड्रोन्स को नष्ट करने का दावा किया गया है। इस हमले में मॉस्को की तेल आपूर्ति का लगभग 30-40 फीसद हिस्सा प्रदान करने वाली रिफाइनरी को गंभीर नुकसान पहुँचा है। रिफाइनरी में लगी भीषण आग के कारण आसपास के इलाकों में काली बारिश देखी गई, जिसमें कालिख और विषाक्त हाइड्रोकार्बन मिश्रित थे।

मॉस्को के सभी हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा और सैकड़ों उड़ानें रद्द या विलंबित हुईं। क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया कि हमलों के कारण कम से कम 17 लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। रिहायशी इमारतों और औद्योगिक सुविधाओं को भी आंशिक नुकसान पहुँचा है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इन हमलों को कीव और अन्य यूक्रेनी शहरों पर हाल ही में हुए रूसी हमलों का पूर्णतः न्यायसंगत जवाब बताया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि, यदि यूक्रेन जल रहा है, तो आपका मॉस्को भी जलेगा। यह हमला यूक्रेनी सेना की उन बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है जिनके जरिए वे अब रूस की गहराई तक और उसकी महत्वपूर्ण युद्ध मशीनरी को निशाना बनाने में सक्षम हो गए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन का यह कदम रूस के तेल उत्पादन को बाधित करने और आम रूसी नागरिकों तक युद्ध की हकीकत पहुँचाने की एक सोची-समझी रणनीति है। इससे रूसी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है और देश के कई हिस्सों में ईंधन की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि रूस ने इसे एक उकसावे वाली कार्रवाई बताया है और भविष्य में कड़े प्रतिशोध की चेतावनी दी है, लेकिन यह हमला युद्ध के एक नए और अधिक संवेदनशील चरण की शुरुआत माना जा रहा है।