Breaking News in Hindi

आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़: 11 संदिग्ध गिरफ्तार

हिमंता बिस्वा सरमा ने अंजेल चकमा पर विरोध जताया

  • समन्वित ऑपरेशन  के तहत कार्रवाई

  • बारपेटा, चिरांग और दारांग में अभियान

  • बांग्लादेशी आतंकी संगठनों से नजदीकी रिश्ता

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः  असम और त्रिपुरा में एक समन्वित ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने 11 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। गुवाहाटी पुलिस कमिश्नर पार्थसारथी महंत के अनुसार, ये गिरफ्तारियां केंद्रीय एजेंसियों से प्राप्त खुफिया इनपुट के आधार पर असम के बारपेटा, चिरांग, दरांग और त्रिपुरा में की गईं। पकड़े गए लोग नवगठित समूह इंडियन मुजाहिदीन-के और प्रतिबंधित जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश के वैचारिक विस्तार इमाम महामुदे काफिला से जुड़े हैं। इनका मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर में अस्थिरता पैदा करना था। त्रिपुरा से गिरफ्तार आरोपी जागीर मिया पर आरोप है कि वह एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी आकाओं के संपर्क में था।

देहरादून में त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र अंजेल चकमा की नस्लीय हत्या के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने देहरादून के जिलाधिकारी और एसएसपी को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है। 9 दिसंबर को अंजेल पर उस समय हमला हुआ था जब उसने अपने छोटे भाई को नस्लीय गालियों (चाइनीज कहना) से बचाने की कोशिश की थी। 26 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस घटना को अस्वीकार्य बताते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दोषियों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की मांग की है।

तिनसुकिया जिले के मार्गेरिटा में एक महिला और उसकी तीन साल की बेटी के संदिग्ध हालात में लापता होने से तनाव है। पति की शिकायत के अनुसार, उसकी पत्नी जुस्मिना और बेटी को पबन साह नामक व्यक्ति ने अगवा किया है। आरोपी पबन साह के बारे में बताया जा रहा है कि वह पहले से कई शादियां कर चुका है। असम सरकार के बहुविवाह विरोधी सख्त रुख के बीच इस मामले ने स्थानीय स्तर पर काफी ध्यान खींचा है।