Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Gwalior Coaching Fire Safety: ग्वालियर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा राम भरोसे; केवल 3 के पास फायर... MP UCC Draft: मध्य प्रदेश में 10 दिन में तैयार होगा समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट; जानें आदिवासियों ... Gwalior News: डीएलएड परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी का खुलासा; चाचा दे रहा था भतीजे की जगह परीक्षा, प... Terror Module Exposed: भोपाल एटीएस की बड़ी कार्रवाई; 'लोन वुल्फ' मॉड्यूल तैयार करने वाले सरगना की रिम... Mephedrone Drugs Network: भोपाल में ड्रग्स बनाने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़; हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी ... Seoni Jumbo Sitaphal GI Tag: सिवनी के सीताफल को मिला GI टैग; अब दुनिया भर में बिखेरेगा अपने स्वाद का... Madhya Pradesh Crime: टमाटर बेचने वाले से बहस पड़ गई भारी, लाठी-डंडों से लैस होकर घर में घुसकर की मार... Haryana Corruption Case: 504 करोड़ के बैंक घोटाले में आईएएस पंकज अग्रवाल पर सीबीआई का शिकंजा; 17 आरो... Jharkhand Rajya Sabha Election: इंडिया गठबंधन में बढ़ा घमासान; राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के ... IELTS/TOEFL Exam Scam: गुजरात में बड़ा फर्जीवाड़ा; दीवार में छेद कर डमी छात्रों से पास कराई जाती थी पर...

क्या भारत भी बांग्लादेश जैसा बन जाएः पवन खेड़ा

अल्पसंख्यकों पर हमले: कांग्रेस का भाजपा-आरएसएस पर प्रहार

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: देश के विभिन्न हिस्सों में क्रिसमस के दौरान चर्चों और ईसाई समुदाय के कार्यक्रमों पर हुए कथित हमलों ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इन घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार की कार्यशैली और विचारधारा पर गंभीर सवाल खड़े किए।

पवन खेड़ा ने पड़ोसी देश बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा भारत को बांग्लादेश जैसी स्थिति में धकेलना चाहती है? खेड़ा ने तर्क दिया कि जिस तरह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचारों की हम आलोचना करते हैं, क्या अब हम अपने ही देश में वैसी ही संस्कृति विकसित कर रहे हैं? उन्होंने कड़ा प्रहार करते हुए कहा, जिन्ना ने जिस विभाजनकारी सोच के साथ एक अलग राष्ट्र का सपना देखा था, जिसे वे वहां पूरी तरह सफल नहीं कर पाए, क्या अब आरएसएस उसी दो राष्ट्रों के सिद्धांत और धार्मिक ध्रुवीकरण को भारत में लागू करने की कोशिश कर रही है?

धार्मिक मर्यादा और उकसावे की राजनीति पवन खेड़ा ने धार्मिक त्योहारों के राजनीतिकरण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि त्योहार खुशियों और सद्भाव का प्रतीक होते हैं, लेकिन हाल के वर्षों में इन्हें दूसरे समुदायों को नीचा दिखाने या उकसाने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करने या उत्तेजक नारे लगाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह हिंदू धर्म की उदारता नहीं हो सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि हनुमान चालीसा आस्था का विषय है, लेकिन इसे किसी को डराने या चिढ़ाने के लिए इस्तेमाल करना भारतीय संस्कृति के विरुद्ध है।

स्वामी विवेकानंद की विरासत का हवाला अपनी बात को पुख्ता करने के लिए खेड़ा ने स्वामी विवेकानंद का ऐतिहासिक संदर्भ दिया। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद जैसा महान हिंदू दार्शनिक भी हर साल 25 दिसंबर को ईसा मसीह के सम्मान में पर्व मनाता था। आज भी रामकृष्ण मिशन में यह परंपरा पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जाती है। उन्होंने भाजपा के एक राष्ट्र, एक भाषा और एक धर्म के विजन को भारत की बहुसांस्कृतिक पहचान और विविधता पर सीधा प्रहार बताया।

पादरी नेल्सन टकलल का शांति संदेश राजनीतिक गहमागहमी के बीच, पार्लियामेंट स्ट्रीट चर्च के पादरी नेल्सन टकलल ने एक प्रेरणादायी पक्ष रखा। उन्होंने हमलों से आहत होने के बावजूद बदला लेने की भावना को त्यागते हुए कहा कि प्रभु ईसा मसीह ने हमें क्षमा का मार्ग दिखाया है। उन्होंने हमलावरों के प्रति करुणा दिखाते हुए कहा कि वे उन्हें माफ करते हैं, क्योंकि नफरत का जवाब नफरत नहीं, बल्कि प्रेम और शांति है।