राष्ट्र प्रेरणा स्थल उद्घाटन में विपक्ष पर निशाना
-
यह पर्यटन केंद्र नहीं राष्ट्रवाद की पाठशाला
-
पहले सिर्फ एक ही परिवार का महिमामंडन
-
डॉ मुर्खजी के सपने को कश्मीर में पूरा किया
राष्ट्रीय खबर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहाँ राष्ट्र प्रेरणा स्थल का बटन दबाकर भव्य लोकार्पण किया। यह स्थल न केवल पर्यटन का केंद्र बनेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रवाद की पाठशाला के रूप में भी कार्य करेगा। इस गरिमामयी समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण के तीन प्रमुख स्तंभों—अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विशाल कांस्य प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
लोकार्पण के पश्चात एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देश की पुरानी राजनीतिक कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 2014 से पहले भारत की राजनीति और इतिहास की किताबों में केवल एक ही परिवार का महिमामंडन किया जाता था।
पीएम ने आरोप लगाया कि दिल्ली के शाही परिवार और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने डॉ. बी.आर. आंबेडकर जैसी महान विभूतियों के योगदान को मिटाने का प्रयास किया। मोदी ने कहा कि भाजपा ने इस एक परिवार केंद्रित सोच को समाप्त कर देश को विकासवादी राजनीति से जोड़ा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि उनकी सरकार ने विचारधारा के मतभेदों को दरकिनार कर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और मुलायम सिंह यादव जैसे नेताओं को सम्मानित किया, जो भाजपा के सबका सम्मान के संस्कार को दर्शाता है।
धारा 370 और वैचारिक विजय अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के निर्णय को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, मुझे गर्व है कि हमने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उस सपने को पूरा किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक देश में दो विधान और दो निशान नहीं चलेंगे। यह बयान मुखर्जी की उस वैचारिक लड़ाई को समर्पित था, जिसके लिए उन्होंने अपना जीवन बलिदान कर दिया था।
अटल जी का सुशासन और यूपी की प्रगति प्रधानमंत्री ने अटल जी को सुशासन का प्रणेता बताते हुए कहा कि उन्होंने गरीबी हटाने के नारों के बजाय धरातल पर काम किया। उन्होंने याद दिलाया कि अटल जी की दूरगामी सोच के कारण ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू हुई, जिसके तहत देश के गांवों में लाखों किलोमीटर सड़कों का जाल बिछा। उन्होंने यूपी की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज यह राज्य एक्सप्रेसवे के मामले में देश में मिसाल पेश कर रहा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाना ही वास्तविक सेकुलरिज्म है। अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि यह राष्ट्र प्रेरणा स्थल विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में ऊर्जा प्रदान करेगा।