Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सूर्य पर उठते एक विशाल सुपरस्टॉर्म की हलचल "स्टार्टअप इंडिया के 10 साल: पीएम मोदी बोले- 'युवा अब केवल नौकरी नहीं ढूंढ रहे, बल्कि समस्याओं का हल... AAP का बीजेपी पर बड़ा हमला: 'गरीबों का मकान तोड़ने के लिए जनता ने नहीं दिया वोट', मेयर रेखा गुप्ता क... BJP New President: 20 जनवरी को बीजेपी को मिलेगा नया 'शिखर पुरुष'! नितिन नबीन की ताजपोशी तय, जानें चु... ममता ने राह दिखायी तो झारखंड में उसी रास्ते पर चला यह देश में परिवर्तन के इंजन हैः नरेंद्र मोदी मुंबई में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बहुमत वोट चोरी एक राष्ट्रविरोधी कृत्य: राहुल गांधी "इंदौर में राहुल गांधी बनाम प्रशासन! दूषित पेयजल पीड़ितों के सम्मेलन को मंजूरी नहीं, क्या अब सड़कों प... आठ साल के बाद बीजिंग में नया समीकरण

शेयर बाजार में हाहाकार! Sensex-Nifty में बड़ी गिरावट, रुपया पहुंचा पाताल में, निवेशकों की धड़कनें तेज

16 दिसंबर की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छी खबरें लेकर नहीं आई. हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को दलाल स्ट्रीट पर सुस्ती की चादर लिपटी नजर आई. मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय बाजार जब खुला, तो लाल निशान की गहराई देखकर निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आईं. शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली का ऐसा दबाव बना कि निफ्टी 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी नहीं बचा पाया और उसके नीचे फिसल गया.

लाल निशान में बाजार

कारोबार की शुरुआत बेहद कमजोर रही. बीएसई का सेंसेक्स (Sensex) शुरुआती मिनटों में ही 325.76 अंक टूट गया और 0.38 फीसदी की गिरावट के साथ 84,887.60 के स्तर पर आ गया. दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी (Nifty) भी संभल नहीं सका और 99 अंकों की गिरावट के साथ 25,928.30 पर ट्रेड करता दिखा.

बाजार की चाल को गहराई से देखें तो गिरावट का दायरा काफी बड़ा था. ट्रेडिंग सेशन के दौरान करीब 1226 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि महज 896 शेयर ही हरे निशान में अपनी जगह बना पाए. 166 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ. अगर सेक्टर के हिसाब से बात करें तो निफ्टी के सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में ही ट्रेड कर रहे थे, जो बाजार में चौतरफा कमजोरी का संकेत है.

बिकवाली के इस माहौल में दिग्गज शेयरों की भी शामत आई. एक्सिस बैंक (Axis Bank), श्रीराम फाइनेंस (Shriram Finance), हिंडाल्को (Hindalco), टाइटन कंपनी (Titan Company) और मैक्स हेल्थकेयर (Max Healthcare) जैसे बड़े नामों पर भारी दबाव देखा गया. हालांकि, इस गिरते बाजार में भी अपोलो हॉस्पिटल्स (Apollo Hospitals) और एसबीआई (SBI) जैसे कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई और वे गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे.

पाताल में पहुंचा रुपया

सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, बल्कि करेंसी मार्केट से भी आम आदमी और इंपोर्टर्स के लिए झटके वाली खबर आई. मंगलवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने इतिहास के सबसे निचले स्तर (All Time Low) पर खुला. बाजार खुलते ही रुपया 90.81 प्रति डॉलर के भाव पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में यह 90.75 पर बंद हुआ था. रुपये की यह कमजोरी अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आयात महंगा होता है. शुरुआती कारोबार में रुपये ने 90.7500 से लेकर 90.8690 के बीच का रेंज दिखाया.

जापान से लेकर कोरिया तक कोहराम

भारतीय बाजार की इस गिरावट के तार विदेशी बाजारों से भी जुड़े हैं. दरअसल, एशियाई बाजारों में आज भारी बिकवाली का दौर देखने को मिला, जिसका असर घरेलू सेंटिमेंट पर पड़ा. गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) पहले ही 86 अंकों की गिरावट के साथ कमजोरी का संकेत दे रहा था. जापान का निक्केई इंडेक्स 738 अंकों की भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जो वहां के बाजार में घबराहट को दिखाता है. हांगकांग के हैंग सेंग और कोरियाई बाजार कॉस्पी में करीब 2 फीसदी से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. ताइवान के बाजार में भी 477 अंकों से ज्यादा की बिकवाली रही. सिंगापुर के स्ट्रेट टाइम में भी सुस्ती थी.