Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Lucknow Fire Tragedy: अलीगंज की बिल्डिंग में भीषण आग; एसी डक्ट से फैली लपटों ने ली 15 जिंदगियां Ujjain Gaya Kotha Tirth: उज्जैन के गयाकोठा तीर्थ का बदलेगा स्वरूप; विकास कार्यों के लिए मिले 6.7 करो... Madhya Pradesh News: ट्रांसफर नियमों का उल्लंघन? एमएसएमई और पीडब्ल्यूडी में वरिष्ठता को लेकर बढ़ा विव... Gwalior JAH Hospital News: जया आरोग्य अस्पताल में पार्किंग के नाम पर खुली लूट; खुद अस्पताल के डॉक्टर... Gwalior Coaching Fire Safety: ग्वालियर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा राम भरोसे; केवल 3 के पास फायर... MP UCC Draft: मध्य प्रदेश में 10 दिन में तैयार होगा समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट; जानें आदिवासियों ... Gwalior News: डीएलएड परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी का खुलासा; चाचा दे रहा था भतीजे की जगह परीक्षा, प... Terror Module Exposed: भोपाल एटीएस की बड़ी कार्रवाई; 'लोन वुल्फ' मॉड्यूल तैयार करने वाले सरगना की रिम... Mephedrone Drugs Network: भोपाल में ड्रग्स बनाने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़; हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी ... Seoni Jumbo Sitaphal GI Tag: सिवनी के सीताफल को मिला GI टैग; अब दुनिया भर में बिखेरेगा अपने स्वाद का...

प्रधानमंत्री मोदी के सुरक्षा काफिले में कटौती

पूरे देश से खर्च में कटौती की अपील के बाद खुद की पहल

  • ईरान युद्ध से उपजा है यह संकट

  • काफिले में इवी को शामिल करें

  • कोई नई खरीद अभी नहीं होगी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपनी घरेलू यात्राओं के दौरान अपने काफिले के आकार में महत्वपूर्ण कटौती की है। यह निर्णय विशेष सुरक्षा समूह द्वारा निर्धारित सभी अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं को पूरी तरह बरकरार रखते हुए लिया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री के काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का यह प्रयोग उनकी हालिया गुजरात और असम यात्राओं के दौरान सफलतापूर्वक लागू किया गया था।

प्रधानमंत्री का यह कदम उनके द्वारा नागरिकों से की गई उन सात अपीलों के अनुरूप है, जिनमें उन्होंने आर्थिक लचीलेपन की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया था। पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक अस्थिरता के बीच, भारत की आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण के अनुकूल स्थायी विकल्पों को अपनाना सरकार की प्राथमिकता बन गया है। इस कटौती के माध्यम से प्रधानमंत्री स्वयं एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं कि किस प्रकार संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग किया जा सकता है।

सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि भले ही काफिले के आकार को छोटा कर दिया गया है, लेकिन प्रधानमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले सभी महत्वपूर्ण और संवेदनशील सुरक्षा घटक पहले की तरह ही सक्रिय हैं। सुरक्षा घेरे की अभेद्यता से कोई समझौता किए बिना केवल अतिरिक्त वाहनों की संख्या को सीमित किया गया है।

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहाँ भी संभव हो, उनके काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया जाए। महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने इसके लिए किसी भी नए वाहन की खरीद न करने और मौजूदा संसाधनों का ही उपयोग करने पर जोर दिया है।

केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा पहल का अनुसरण प्रधानमंत्री की इस अपील और पहल का व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने काफिले के आकार को घटाकर आधे से भी कम कर दिया है। यह निर्णय न केवल ईंधन की खपत को कम करने में सहायक होगा, बल्कि इससे वीआईपी आवाजाही के दौरान होने वाली यातायात समस्याओं में भी कमी आएगी। यह संपूर्ण पहल देश को आत्मनिर्भर बनाने और हरित भविष्य की ओर ले जाने के सरकार के संकल्प को दर्शाती है।