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वैश्विक बाल मृत्यु दर पर नई रिपोर्ट से चिंता बढ़ी

कुपोषण और अवरुद्ध विकासतीसरा सबसे बड़ा कारण

जेनेवाः ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज 2023 की चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, कुपोषण और बच्चों का अवरुद्ध विकास अब हर साल दुनिया भर में लगभग 10 लाख बच्चों की मौत का कारण बन रहा है, जिससे यह वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा खतरा बन गया है। यह रिपोर्ट वैश्विक स्वास्थ्य और विकास के प्रयासों की विफलता को उजागर करती है।

कुपोषण का मतलब केवल पर्याप्त भोजन न मिलना नहीं है, बल्कि यह आवश्यक विटामिन, खनिज और प्रोटीन की कमी को भी दर्शाता है जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। अवरुद्ध विकास बच्चों के शारीरिक विकास में देरी को संदर्भित करता है, जो मुख्य रूप से पहले 1000 दिनों के जीवन में अपर्याप्त पोषण और बार-बार होने वाले संक्रमणों का परिणाम होता है।

रिपोर्ट में पाया गया है कि ये मौतें मुख्य रूप से उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया के गरीब और संघर्ष-ग्रस्त क्षेत्रों में हो रही हैं, जहाँ स्वच्छ पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सीमित है। कुपोषण से पीड़ित बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, जिससे वे निमोनिया, दस्त और मलेरिया जैसी साधारण बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं, जो अंततः उनकी मृत्यु का कारण बनती हैं। इस संकट को दूर करने के लिए, रिपोर्ट ने तत्काल और बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप की मांग की है।

इसमें गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए पोषक तत्वों से भरपूर भोजन (जैसे कि फोर्टिफाइड भोजन) की उपलब्धता सुनिश्चित करना, स्तनपान को बढ़ावा देना और सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करना शामिल है। संयुक्त राष्ट्र ने इस डेटा को एक नैतिक विफलता करार दिया है और अमीर देशों से आग्रह किया है कि वे विकासशील देशों में स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रमों में अपने निवेश को नाटकीय रूप से बढ़ाएँ।

यह संकट न केवल मानवीय है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी एक बड़ा बोझ डालता है, क्योंकि जो बच्चे कुपोषण से बच जाते हैं, वे अक्सर जीवन भर संज्ञानात्मक और शारीरिक कमजोरियों से पीड़ित रहते हैं, जिससे उनकी उत्पादकता कम हो जाती है। इस रिपोर्ट ने सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों को इस मूक संकट से निपटने के लिए एक नई और मजबूत रणनीति बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है, जिसके केंद्र में शुरुआती बचपन के पोषण को प्राथमिकता देना है।