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रूस-यूक्रेन युद्ध और शांति प्रस्ताव पर जेलेंस्की सहमत नहीं

कुछ इलाका छोड़ने की शर्त इसमें शामिल है

वाशिंगटनः रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से अमेरिका द्वारा तैयार किए गए एक मसौदा शांति प्रस्ताव ने हाल ही में वैश्विक मंच पर हलचल मचा दी है। यह प्रस्ताव, जिसकी रूपरेखा अभी पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं हुई है, ने कीव में घोर बेचैनी पैदा कर दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने इस अमेरिकी प्रस्ताव पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

रिपोर्टों के अनुसार, इस मसौदे के तहत यूक्रेन को अपने कुछ क्षेत्र छोड़ने पड़ सकते हैं, जो रूस को उसके सैन्य आक्रमण के लिए एक प्रकार के इनाम के रूप में देखा जाएगा। जेलेंस्की ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसा करना एक खतरनाक मिसाल कायम करेगा। उनका तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय कानून यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को मान्यता देता है।

पुतिन की मांगों के आगे झुककर रूस को बलपूर्वक कब्जा किए गए इलाके सौंपना न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन होगा, बल्कि यह भविष्य में अन्य आक्रमणकारियों को भी प्रोत्साहित करेगा। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि यह विचार है कि शांति समझौता मॉस्को को उसके हमले के लिए इनाम दे सकता है, तो यह कीव को मंजूर नहीं है।

जेलेंस्की की चेतावनी दर्शाती है कि यूक्रेन इस युद्ध को अपनी गरिमा और संप्रभुता की लड़ाई के रूप में देखता है। उन्होंने पश्चिमी साझेदारों, विशेषकर अमेरिका, से अपील की है कि वे शांति के नाम पर यूक्रेन पर ऐसे मुश्किल विकल्प थोपने का जोखिम न लें, जिससे यूक्रेन या तो अपनी गरिमा खोने का जोखिम उठाए या एक महत्वपूर्ण साझेदार (अमेरिका) को गंवाए।

यूक्रेन और यूरोपीय यूनियन के देशों ने भी इस योजना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, क्योंकि वे मानते हैं कि यह शांति खाका युद्धरत पक्षों के लिए साझा आधार मुहैया कराने के बजाय आक्रमणकारी के पक्ष में झुका हुआ है। इस प्रस्ताव ने शांति की तलाश और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के बीच एक जटिल कूटनीतिक गतिरोध उत्पन्न कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप रूस ने खारकीव जैसे यूक्रेनी शहरों पर हमले तेज कर दिए हैं।